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Muzaffarpur News: नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा, श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह

Sun, 22 Mar 2026 10:07 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: चैती छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ श्रद्धा और उल्लास के माहौल में हुई, जहां व्रतियों ने पवित्र नदी घाटों पर स्नान-पूजन कर व्रत आरंभ किया। आने वाले दिनों में खरना, निर्जला उपवास, संध्या अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह चार दिवसीय पर्व पूर्ण होगा।
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महा पर्व छठ पूजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान भास्कर और छठी मैया को समर्पित महापर्व चैत्र छठ की आज रविवार से शुरुआत हो गई है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ व्रतियों ने कर दी है। मुजफ्फरपुर शहर के बूढ़ी गंडक नदी के सीढ़ी घाट के साथ अखाड़ा घाट, आश्रम घाट और लकड़ी ढाई घाट पर छठ पूजा करने वाले व्रती स्नान-दान के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

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व्रतियों में दिखा खास उत्साह
स्नान के बाद व्रती पूजन कर जल लेकर अपने-अपने घरों को जाएंगे और नहाय-खाय का प्रसाद बनाने का कार्य करेंगे। वहीं महिला व्रतियों ने बताया कि इस पर्व को लेकर खास उत्साह रहता है और इसे करने से उन्हें अत्यंत खुशी मिलती है। छठी मैया सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

23 मार्च को मनाया जाएगा खरना
छठ पूजा के पहले दिन आज व्रती गंगा और अन्य पवित्र नदी घाटों पर स्नान और पूजन कर रहे हैं। इसके बाद आज के दिन प्रसाद के रूप में मुख्य रूप से चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी ग्रहण की जाती है। इस दौरान कुल देवता और घर के देवताओं की भी पूजा की जाती है। इसके बाद अगले दिन 23 मार्च, सोमवार को खरना मनाया जाएगा। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद गुड़ और चावल की खीर, रोटी तथा फलाहार का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
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25 मार्च को खत्म होगी व्रत

इसके पश्चात 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। 24 मार्च, मंगलवार को संध्या अर्घ्य का अनुष्ठान होगा, जिसमें भगवान भास्कर और छठी मैया को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। चैती छठ का समापन चौथे दिन 25 मार्च, बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा।

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