फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: 551 सरकारी स्कूल बने 'सरस्वती विद्या निकेतन', मुजफ्फरपुर के 182 साल पुराने जिला स्कूल को मिली नई पहचान

Sat, 18 Jul 2026 07:40 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

बिहार में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बेगूसराय से राज्य के 551 'सरस्वती विद्या निकेतन' (मॉडल स्कूल) का एक साथ उद्घाटन करेंगे।
विज्ञापन
मॉडल स्कूल होगा विद्या निकेतन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए रविवार ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। राज्य के 551 चयनित मॉडल स्कूलों को अब 'सरस्वती विद्या निकेतन' के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बेगूसराय से इन सभी मॉडल स्कूलों का एक साथ उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी चयनित विद्यालयों में किया जाएगा। मुजफ्फरपुर के 182 साल पुराने जिला स्कूल को भी अब 'सरस्वती विद्या निकेतन' के रूप में विकसित किया जाएगा।

551 सरस्वती विद्या निकेतन का होगा एक साथ उद्घाटन

रविवार को बेगूसराय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का एकीकृत उद्घाटन करेंगे। मुजफ्फरपुर में जिला स्कूल परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री, डीएम, जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह का लाइव प्रसारण जिले के सभी चयनित विद्यालयों में भी किया जाएगा।

182 साल पुराने जिला स्कूल को मिलेगी नई पहचान

मुजफ्फरपुर का 182 वर्ष पुराना ऐतिहासिक जिला स्कूल अब 'सरस्वती विद्या निकेतन' मॉडल स्कूल के रूप में नई पहचान हासिल करेगा। मॉडल स्कूल बनने के बाद यहां आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल संसाधनों और अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य इस विद्यालय को राज्य के उत्कृष्ट सरकारी शिक्षण संस्थानों में शामिल करना है। जिले के प्रत्येक प्रखंड से एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में चुना गया है।

तैयारियां पूरी, अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

उद्घाटन समारोह को सफल बनाने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विभिन्न प्रखंडों की निगरानी के लिए छह अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित विद्यालयों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कराएं और स्थानीय प्रशासन तथा प्रधानाध्यापकों के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

स्मार्ट क्लास से आधुनिक लैब तक मिलेंगी सुविधाएं

सरस्वती विद्या निकेतन बनने के बाद विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षण संसाधन, आधुनिक पुस्तकालय, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग चरणबद्ध तरीके से इन विद्यालयों को आधुनिक तकनीक और बेहतर आधारभूत संरचना से लैस करेगा।

शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत डिजिटल शिक्षण, प्रयोगशाला आधारित पढ़ाई और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर निजी स्कूलों के समकक्ष विकसित करना है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के छात्रों के बीच शैक्षणिक अंतर कम होगा।

एक जैसी होगी सभी मॉडल स्कूलों की पहचान

शिक्षा विभाग ने सभी सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों की एक समान पहचान बनाने के लिए भवनों को विशेष रंग से तैयार कराया है। पूरे बिहार में इन मॉडल स्कूलों की बाहरी पहचान एक जैसी होगी, ताकि इन्हें आसानी से अलग पहचान मिल सके।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें