भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल प्रखंड के परसौना तपसी मुख्य मार्ग की बदहाल तस्वीर सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। सरकारी रिकॉर्ड में जिस सड़क को ‘मोटरेबल’ बताया गया है, वह बारिश के बाद कीचड़, गड्ढों और जलजमाव से जूझ रही है। सड़क पर जगह-जगह पानी और दलदल जमा होने से राहगीरों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थायी सुधार नहीं हुआ।
सड़क की हालत से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार बिहार सरकार के सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से जो जवाब मिला, उससे ग्रामीण हैरान रह गए। विभाग ने अपने जवाब में सड़क को ‘मोटरेबल’ बताते हुए काम किए जाने की जानकारी दी।
विभाग के इस जवाब के बाद ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर सड़क को मोटरेबल बनाया जा चुका है तो मौके पर इसकी हालत इतनी खराब क्यों है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अभिलेख और सड़क की वास्तविक स्थिति में साफ अंतर नजर आ रहा है।
ग्रामीण बोले- मिट्टी डालने के अलावा नहीं हुआ काम
स्थानीय ग्रामीण अवधेश गिरी और सरपंच प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह ने भी सड़क की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर कोई मोटरेबल काम नहीं हुआ है। कुछ जगहों पर मिट्टी डालने के अलावा स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आता।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश होते ही सड़क के कई हिस्सों में पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। सड़क पर बने गड्ढे भी लगातार खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक कई लोग इन गड्ढों की वजह से हादसे का शिकार हो चुके हैं।
राजद ने की जांच की मांग
रक्सौल राजद के प्रखंड अध्यक्ष सौरंजन यादव ने सड़क के निर्माण और मरम्मत कार्य की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सरकारी रिकॉर्ड में सड़क पर काम पूरा होने की बात दर्ज है तो संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण करना चाहिए और वास्तविक स्थिति सामने रखनी चाहिए। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, खर्च और निर्माण कार्य से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी रिकॉर्ड में काम पूरा होने की जानकारी किस आधार पर दर्ज की गई।
ग्रामीण बोले- ऑनलाइन जवाब नहीं, मौके पर पहुंचे अधिकारी
ग्रामीणों ने विभाग से ऑनलाइन शिकायत का जवाब देने के बजाय मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण के बाद सड़क की जरूरी मरम्मत कराई जाए। यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है, इसलिए इसकी बदहाली का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है।
विभाग बोला- डीपीआर तैयार, जल्द शुरू होगा निर्माण
इस मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अफरान अहमद ने बताया कि सड़क के कुछ हिस्से में स्थानीय विधायक की ओर से मोटरेबल कार्य कराया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी सड़क का डीपीआर तैयार होकर भेजा जा चुका है और जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू होगा।