घटना से यात्रियों में दहशत का माहौल
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मोतिहारी में मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर मंगलवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब असामाजिक तत्वों ने चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। आनंद विहार से मोतिहारी आ रही इस ट्रेन की गति उस समय सामान्य थी, जब लोको पायलट ने चाइल्हा हॉल्ट के पास ट्रैक पर रखे पत्थर के बड़े बोल्डर को देख लिया।
ड्राइवर की सतर्कता से बची सैकड़ों जानें
लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। जैसे ही उनकी नजर ट्रैक पर रखे पत्थर पर पड़ी, उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। लोको पायलट ने उतरकर स्थिति का निरीक्षण किया और वॉकी-टॉकी के जरिए स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी। यह घटना मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर चाइल्हा हॉल्ट के पास हुई।
कुर्सियों की पटरी का उपयोग करके ट्रैक बाधित करने की कोशिश
जांच के दौरान पाया गया कि स्टेशन पर सांसद निधि से बनाई गई यात्रियों के बैठने की कुर्सियों की पटरी को तोड़कर असामाजिक तत्वों ने ट्रैक पर पत्थर रख दिया था। घटना के वक्त देर रात होने के कारण ट्रैक पर किसी का ध्यान नहीं गया। हालांकि, ट्रेन के रुकने से बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे अधिकारियों ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेल पुलिस और रेलवे प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत ट्रैक से बोल्डर हटाकर मामले की जांच शुरू की। इस दौरान कुछ समय के लिए ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही।
आरपीएफ ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन
आरपीएफ पोस्ट कमांडर चंदन पासवान ने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को रेलवे की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
यात्रियों में दहशत का माहौल
ट्रेन के रुकने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यात्रियों में दहशत फैल गई, हालांकि रेलवे अधिकारियों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात को संभाल लिया गया। वहीं, रेलवे ने इस घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे प्रशासन को दें।