बिहार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते जन सुराज के नेता
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मोतिहारी में बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार छात्रों और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
पीके की गिरफ्तारी और छात्रों पर लाठीचार्ज पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को गिरफ्तार करवाकर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया। इसके साथ ही बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज को उन्होंने सरकार की दमनकारी नीतियों का उदाहरण बताया।
जन सुराज के जिला अध्यक्ष रामशरण यादव ने कहा कि नीतीश सरकार लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रच रही है। छात्रों पर लाठीचार्ज और प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि सरकार केवल अपनी सत्ता बचाने में लगी है और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार छात्रों की मांगों को पूरा नहीं करती। उन्होंने सरकार पर तानाशाही और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताएं आम हो चुकी हैं।
शांतिपूर्ण आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जन सुराज के अन्य नेताओं ने भी सरकार की ‘दमनकारी नीतियों’ की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी और छात्रों पर कार्रवाई इस आंदोलन को कमजोर करने की एक साजिश है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जन सुराज का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसे रोकना सरकार के लिए संभव नहीं होगा।
एक कार्यकर्ता ने कहा कि हमारी लड़ाई बिहार के छात्रों और उनके भविष्य को बचाने के लिए है। सरकार ने अगर जल्द अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने जनता से अपील की कि वे इस संघर्ष में शामिल होकर सरकार की नीतियों का विरोध करें। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं और छात्रों पर हुए अत्याचारों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन राज्यव्यापी होगा।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
- बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो।
- छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- प्रशांत किशोर की रिहाई और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित हो।
- परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।