बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। मीनापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके पार्टी नेता तमन्ना हाशमी ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
तमन्ना हाशमी ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर टिकट बेचने और मुस्लिम मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले दावा किया था कि राजद द्वारा तोड़े गए चार विधायकों के बदले इस बार 40 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे जाएंगे, लेकिन वास्तविकता में केवल 35 सीटों पर ही उम्मीदवार घोषित किए गए।
जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को टिकट बेचे
हाशमी ने कहा, "एआईएमआईएम ने बिहार के मुसलमानों के साथ धोखा किया है। वफादार और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को टिकट बेच दिए गए हैं। पार्टी अब अपने सिद्धांतों से भटक चुकी है, इसलिए मैंने इससे अलग होने का निर्णय लिया है।"
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संगठनात्मक एकजुटता पर भी सवाल
गौरतलब है कि तमन्ना हाशमी पहले हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (HAM) में थे और बाद में एआईएमआईएम से जुड़े थे। उनके इस्तीफे से न केवल मीनापुर क्षेत्र के स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है, बल्कि पार्टी की संगठनात्मक एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं। चुनाव से ठीक पहले यह कदम एआईएमआईएम के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
ओवैसी की पार्टी ने इन 25 प्रत्याशियों को टिकट बांटे
इससे पहले शनिवार को ही ओवैसी की पार्टी- AIMIM ने 25 प्रत्याशियों की सूची भी जारी की। एआईएमआईएम ने जिन विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं उनमें अमौर, बलरामपुर, ढाका, नरकटिया, किशनगंज, गोपालगंज, शेरघाटी, सिवान, सिकंदरा, मुंगेर, नवादा, मधुबनी, दरभंगा ग्रामीण, और अररिया प्रमुख हैं।