नेपाल की सीमा से होते हुए भारत में दाखिल हुए
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नेपाल में दो दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहां के लोगों का पलायन भी शुरू हो गया है। मंगलवार की शाम भारतीय सीमा से सटे झरौखर बॉर्डर पर सैकड़ों नेपाली कामगार अपनी रोजी-रोटी की तलाश में भारत की ओर जाते दिखाई दिए।
पलायन कर रहे लोगों ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि नेपाल की मौजूदा स्थिति जल्द शांत होती नहीं दिख रही है। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोज़गार की तलाश में बाहर जाना ही पड़ रहा है। उनका कहना था कि आंदोलन से आम जनता को कोई लाभ नहीं हो रहा है।
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ये सभी मजदूर पंजाब और दिल्ली की ओर जा रहे थे। नेपाल के मनोज शाह, राम बाबू यादव, उमेश प्रसाद, गोपाल दास, प्रभु प्रसाद, राजीव रंजन और आशीष कुमार समेत कई लोगों ने कहा कि उन्हें प्रदेश में कोई भी काम मिल जाए, कर लेंगे। ये लोग नेपाल के सीमावर्ती कचोरवा, सोनरनिया, बंकुल, सिमरौनगढ़ और मौलापुर क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
सभी ने बताया कि पहले वे नेपाल में ही काम करते थे, लेकिन आंदोलन के चलते रोजगार का संकट गहरा गया है। मजबूरन उन्हें भारत की ओर आकर काम धंधे की तलाश करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि घोड़ासहन स्टेशन से ट्रेन पकड़कर वे विभिन्न राज्यों में जा रहे हैं।