पूर्वी चंपारण के चकिया थाना क्षेत्र में राजेश चौधरी हत्याकांड का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने कथित प्रेम-प्रसंग के चलते अपने प्रेमी और उसके सहयोगी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के मनीछपरा बहुआरा गांव में हुए चर्चित राजेश चौधरी हत्याकांड का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ने अपने कथित प्रेमी और उसके सहयोगी के साथ मिलकर रची थी। मामले में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
सड़क किनारे मिला था राजेश चौधरी का शव
चकिया थाना परिसर में रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि शनिवार को 34 वर्षीय राजेश चौधरी का शव सड़क किनारे मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
पत्नी, कथित प्रेमी और सहयोगी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने बैसाहा गांव निवासी 27 वर्षीय संतोष सहनी, 26 वर्षीय रंजन सहनी तथा मृतक की 30 वर्षीय पत्नी पूनम देवी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से संबंध सामान्य नहीं थे। दोनों की शादी करीब 10 वर्ष पहले हुई थी और उनके तीन बेटे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित प्रेम-प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने कथित प्रेमी और उसके सहयोगी के साथ मिलकर नुकीले हथियार से पति की हत्या कराई।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
इस हत्याकांड के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के तीन मासूम बेटे और एक गोद ली हुई बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, मां की गिरफ्तारी के बाद बच्चों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है। गांव में इस घटना को लेकर शोक और चर्चा का माहौल है।
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आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार संतोष सहनी पहले भी शराब से जुड़े एक मामले में जेल जा चुका है। वहीं रंजन सहनी का भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष धर्मप्रकाश कुमार, अवर निरीक्षक धनंजय कुमार, विवेक कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।