बिहार में मुजफ्फरपुर जिले का चर्चित विक्रम कुमार हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि सगी चाची ही निकली है, जिसका बच्चे के चाचा से अवैध संबंध का विरोध करने पर अपने जेठ के बेटे की हत्या कर बदला लिया। अपने दुश्मन के साथ मिलकर फरसे से मासूम विक्रम कुमार का गला रेत दिया। यह पूरी घटना औराई थाना क्षेत्र के महरौली की है, जो पांच जनवरी की रात को हुई थी। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने प्रेस कॉफ्रेंस कर जानकारी दी।
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि आरोपी रागनी का अपने देवर रोशन कुमार से अफेयर चल रहा था। इसका विरोध खुद विक्रम कुमार के पिता करते थे, जिसके बाद यह मामला पंचायत में उजागर हुआ और उसके बाद सुशील शाह (जेठ) ने दोनों को अलग कर दिया। रोशन को बाहर भेज दिया गया था। वहीं, इस बात का रागनी को सदमा लग गया था और वह बदला लेने का लगातार षड्यंत्र रच रही थी। यही नहीं बल्कि यहां तक बदले की आग में ही सुशील शाह के दुश्मन से ही मिल गई, जिससे सात डिसमिल जमीन को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा था।
ऐसे की हत्या
इस बीच रविवार शाम को रागिनी ने पतंग खरीदने के बहाने घर विक्रम कुमार को बुलाकर एक सुनसान जगह पर ले गई। फिर निर्मम तरीके से फरसे से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना में प्रहलाद शाह की पत्नी पुनिता देवी और उसका बेटा विद्यापति शाह और विक्रम कुमार की चाची रागनी कुमारी शामिल रही। यही नहीं बल्कि औराई थाना पुलिस को दिग्भ्रमित करने लिए भी कई हथकंड़े अपनाया गया। मौत के बाद घड़ियाली आंसू भी बहा रही थी।
ग्रामीण एसपी ने क्या बताया
पूरे मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने बताया, औराई थाना क्षेत्र में पांच जनवरी की रात हुए एक 10 वर्षीय मासूम विक्रम कुमार हत्याकांड का सफल उद्वेदन कर लिया गया है। मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। घटना में शामिल तीनों लोगों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया। रागिनी देवी इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है, जिसने इस घटना को अंजाम दिया। उसके साथ एक महिला और एक पुरुष शामिल थे, जिसका मृतक विक्रम कुमार के परिवार से पूर्व का जमीन विवाद था।