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Bihar News: यहां प्रदूषण का रिकॉर्ड स्तर, शहर का AQI 500 के पार; जानें एक्सपर्ट ने बचाव के लिए क्या सुझाव दिए?

Fri, 12 Dec 2025 08:06 AM IST
तिरहुत ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर में प्रदूषण ने इस वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर का AQI 500 के पार पहुंचते ही हवा ‘अति गंभीर’ श्रेणी में चली गई, जिससे लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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शहर में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जनक हालात। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर शहर में वायु प्रदूषण का स्तर इस वर्ष अपने चरम पर पहुंच गया है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार दर्ज किया गया, जो ‘अति गंभीर’ श्रेणी से भी ऊपर माना जाता है। इस अत्यधिक प्रदूषण के कारण लोगों में सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ने का खतरा तेजी से बढ़ गया है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) के विभिन्न लोकेशन पर लगे प्रदूषण मॉनिटरिंग स्क्रीन के अनुसार शहर के कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

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शहर के प्रमुख क्षेत्रों में दर्ज AQI इस प्रकार है

ओवरऑल शहर का AQI: 520
MIT क्षेत्र: 529
समाहरणालय: 540
अतरदाह: 539
बुद्धा कॉलोनी: 54
9

ये सभी क्षेत्र भीड़भाड़ और रिहायशी इलाकों में आते हैं, जहां प्रदूषण की मार सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। प्रदूषण का स्तर खासकर देर रात और सुबह के समय अत्यधिक दर्ज किया जा रहा है।

जरूरी सावधानियां बरतने की अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में कार्बन, धूल कण और अन्य हानिकारक तत्वों की मात्रा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शहर में चल रहे निर्माण कार्य, बढ़ते मोटर वाहन, धूल-मिट्टी और दिन-रात के तापमान में अंतर भी प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों से जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

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प्रशासन और नगर निगम अलर्ट
लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट पर हैं। नगर निगम ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पानी का छिड़काव (स्प्रिंकलिंग) किया जाएगा, ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा प्रदूषण कम करने के लिए अन्य आवश्यक कार्रवाइयां भी की जा रही हैं। शहर में प्रदूषण का यह स्तर अब तक का सबसे गंभीर रिकॉर्ड माना जा रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है।

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