छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा (2023-24) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस कांड को लेकर छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय को बंद करा दिया और कुलपति एवं प्रॉक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोनों का पुतला दहन किया।
गौरतलब है कि रविवार को पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक हो गया और एक आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके विरोध में छात्र जदयू जिला इकाई के जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में छात्रों ने बड़ा आंदोलन खड़ा किया। आक्रोशित छात्र लंगट सिंह महाविद्यालय से नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। छात्रों ने विश्वविद्यालय की विफलता के लिए कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय और प्रॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इससे छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।
अभिषेक कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक यूनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि “कुलपति खुद स्वीकार कर रहे हैं कि परीक्षा के दौरान वे लंगट सिंह कॉलेज में मौजूद थे, ऐसे में यह स्पष्ट है कि प्रशासन की लापरवाही से ही यह कांड हुआ। बावजूद इसके अब तक किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है।”
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उन्होंने पैट परीक्षा के नोडल पदाधिकारी और सेंटर प्रेक्षक पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही, अमर बहादुर शुक्ला की भूमिका पर भी जांच बिठाने की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि अगर कुलपति नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
अभिषेक गुप्ता ने आरोप लगाया कि परीक्षा में उत्तर प्रदेश लॉबी सक्रिय थी और उन्हीं की मिलीभगत से प्रश्नपत्र लीक हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुलपति एक परीक्षा निष्पक्ष तरीके से नहीं करा सकते, तो यह साबित करता है कि वे केवल अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पद पर हैं। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि पूरे मामले की जानकारी राज्यपाल को दी जाएगी।