वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत चकसिकंदर बाजार स्थित शिव मंदिर में एक अनोखी और सादगीपूर्ण शादी संपन्न हुई, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लड़की की चाची के आकस्मिक निधन के कारण यह विवाह बिना किसी धूमधाम, बारात और बैंड-बाजे के मंदिर परिसर में कराया गया। इस आदर्श विवाह का गवाह स्थानीय पंचायत भी बनी। विवाह संपन्न होने के बाद दुल्हन की विदाई की गई, जिसके पश्चात चाची का अंतिम संस्कार किया गया।
दो महीने पहले तय हुई थी शादी
यह विवाह प्रीति कुमारी और रौशन कुमार के बीच संपन्न हुआ। रौशन कुमार, तेतर राम के पुत्र हैं और डिह बिचौली, जंदाहा के निवासी हैं। वहीं प्रीति कुमारी, शत्रुघ्न राम की पुत्री हैं और चकसिकंदर गांव की रहने वाली हैं। दोनों परिवारों के बीच यह रिश्ता करीब दो महीने पहले तय हो चुका था और विवाह की तिथि भी निर्धारित की जा चुकी थी।
चाची के आकस्मिक निधन से खुशियां गम में बदली
इसी बीच लड़की की चाची के आकस्मिक निधन के बाद परिवार शोक में डूब गया। इसके बाद लड़की पक्ष ने लड़के पक्ष से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। आपसी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि विवाह को सादगीपूर्ण ढंग से मंदिर में संपन्न कराया जाए। इसके तहत जल्द ही लड़के को बुलाकर शिव मंदिर में विवाह संपन्न कराया गया। इस विवाह में न तो बारात निकाली गई और न ही किसी प्रकार का बैंड-बाजा बजाया गया। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में विवाह की रस्में पूरी की गईं, जिससे इस शादी को सामाजिक मान्यता भी मिली।
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बिना दहेज के संपन्न हुआ विवाह
लड़की के चाचा सुरेश राम ने बताया कि यह विवाह पूरी तरह बिना दहेज के संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि भतीजी की शादी दो महीने पहले तय हो चुकी थी, लेकिन अचानक भाभी के निधन के कारण परिस्थिति बदल गई। ऐसे में दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से सादगीपूर्ण तरीके से विवाह कराने का निर्णय लिया।