बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच सूबे की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर के अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित तेरसिया इलाके का दौरा करने पहुंचे थे।
इस दौरान जिला प्रशासन की तैयारियों की उस वक्त पोल खुल गई, जब नेता प्रतिपक्ष को मुहैया कराई गई एसडीआरएफ की सरकारी बोट की हवा बीच पानी में ही निकल गई। इस बड़ी लापरवाही के बाद हड़कंप मच गया और तेजस्वी यादव को बीच मझधार में ही अपनी सुरक्षा के बीच निजी नाव का सहारा लेना पड़ा।
बीच नदी में हड़कंप, एसडीआरएफ की टीम भरती रही हवा
मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ तेरसिया के जलमग्न इलाकों की ओर बढ़े, तभी अचानक सरकारी मोटर बोट में तकनीकी खराबी आ गई और उसकी हवा तेजी से निकलने लगी। नाव को डूबने से बचाने के लिए बीच नदी में ही एसडीआरएफ की टीम द्वारा आनन-फानन में पंप से हवा भरने का प्रयास किया जाने लगा।
इस आपात स्थिति को देखते हुए तेजस्वी यादव के साथ मौजूद स्थानीय कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाई। सुरक्षा को जोखिम में न डालते हुए कार्यकर्ताओं ने तुरंत एक निजी नाव का इंतजाम किया। इसके बाद तेजस्वी यादव सरकारी बोट से उतरकर निजी नाव पर सवार हुए और पूरे प्रभावित क्षेत्र का सघन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पानी में डूबे घरों का मुआयना किया और खुद अपने हाथों से बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन व अन्य आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया।
सम्राट चौधरी पर बिना नाम लिए तीखा हमला
घटना के बाद सरकार की लचर व्यवस्था से नाराज नेता प्रतिपक्ष का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले दिनों इसी इलाके हाजीपुर के तेरसिया में बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा, "पिछले दिनों बहुत से बड़े लोग यहां निरीक्षण करने और मुआयना करने आए थे।
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बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन क्या धरातल पर यही व्यवस्था है? लोग यहां खाना खाकर चले जा रहे हैं और जनता भगवान भरोसे है। जब नेता प्रतिपक्ष की नाव सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?"तेजस्वी यादव ने प्रशासनिक चूक पर तीखे सवाल दागते हुए कहा कि आज जो हवा निकली है, वह किसी वोट की नहीं, बल्कि इस बेपरवाह सरकार की कागजी व्यवस्था की निकली है।