बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बीच वैशाली जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जंदाहा थाना प्रभारी मनोज कुमार पर शराब कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप जांच में सही पाया गया है। इसके बाद एसपी विक्रम सिहाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शिकायत के बाद हुई जांच
जानकारी के अनुसार, एसपी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि जंदाहा थाना क्षेत्र में शराब कारोबारियों को पुलिस संरक्षण मिल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी यातायात अपर पुलिस अधीक्षक प्रेम सागर को सौंपी गई।
जांच में आरोप सही पाए गए
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि थानाध्यक्ष मनोज कुमार शराब कारोबारियों को संरक्षण दे रहे थे। एसपी ने कहा कि इस तरह का आचरण सेवा नियमों के खिलाफ है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
एसपी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्तता और कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में महुआ थाना क्षेत्र में शराब जब्ती मामले में गड़बड़ी सामने आने पर तत्कालीन एसपी हर किशोर राय ने एक एएसआई समेत सात पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस घटना के बाद एक बार फिर जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।