फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: वैशाली में SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों पर SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज, लगा थाने में अत्याचार का आरोप

Fri, 01 May 2026 04:55 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar: वैशाली जिले के राघोपुर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी/एसटी कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मेथुर भगत ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने दबाव बनाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया और 20 हजार रुपये लेने के बाद जमानत दी।
विज्ञापन
थाना भवन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैशाली जिले के राघोपुर थाना प्रभारी और थाने के कई अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ हाजीपुर स्थित एससी/एसटी कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। परिवाद में कहा गया है कि मेथुर भगत, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, के परिवार के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। परिवाद के अनुसार, घटना के दिन पीड़ित के बेटे सुबोध भगत की पत्नी और पड़ोसी मनु भगत के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जो बाद में झगड़े में बदल गई। उस समय पीड़ित घर पर मौजूद नहीं था। घर लौटने पर वह दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास कर रहा था। इसी बीच सुबोध भगत ने राघोपुर थाना को फोन कर दिया।

पुलिस पर क्या हैं आरोप?
आरोप है कि सूचना मिलने के बाद राघोपुर थाना से थाना प्रभारी अवधेश कुमार, मो. परवेज तथा अन्य चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और पीड़ित, उसके बेटे तथा बहू के साथ जबरन दुर्व्यवहार करने लगे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और सभी को जबरन गाड़ी में बैठाकर थाना ले गए।

कैसे दर्ज हुआ मामला?
परिवाद में यह भी कहा गया है कि थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने पीड़ित के बेटे को डरा-धमकाकर उससे ही पीड़ित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जो राघोपुर थाना कांड संख्या 165/2026 के रूप में दर्ज है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को धमकी दी कि 20 हजार रुपये की व्यवस्था कर जमानत ले लो, नहीं तो जेल भेज दिया जाएगा।

थाने में क्या हुआ?
पीड़ित ने पुलिस से अनुरोध किया कि यह एक घरेलू मामला है और इसे आपसी समझ से सुलझा लिया जाएगा, लेकिन इस पर नाराज होकर दरोगा अवधेश कुमार ने थाना से लाठी मंगवाकर पीड़ित की पिटाई की। परिवाद में आरोप है कि उसे करीब 20 लाठियां मारी गईं और जातिसूचक गालियां दी गईं। यहां तक कि पुलिसकर्मियों ने उसकी मूंछ पर आपत्ति जताते हुए उसे अपमानित किया और मूंछ उखाड़ने का भी प्रयास किया।

लॉकअप और धमकी का आरोप
आरोप है कि थाना में मौजूद मो. परवेज एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने भी मारपीट की और बाद में पीड़ित को लॉकअप में बंद कर दिया। साथ ही धमकी दी गई कि पैसे का इंतजाम नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

रिश्वत लेकर मिली जमानत?
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि पीड़ित की पत्नी से 20 हजार रुपये की मांग की गई। बाद में उसने किसी तरह पैसे का इंतजाम कर थाना पहुंचाया, जिसके बाद थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने राशि लेकर बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत जमानत की सुविधा देते हुए पीड़ित को लॉकअप से बाहर निकाला।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: पत्नी के सामने सिपाही ने बैरक में लगाई फांसी! नई शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि उठाया खौफनाक कदम?

अब आगे क्या होगा?
मामले में एससी/एसटी कोर्ट में परिवाद दायर होने के बाद अब न्यायालय द्वारा आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें