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Bihar News: वैशाली महोत्सव में कल्पना पटवारी के मंच पर हंगामा, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

Thu, 02 Apr 2026 07:15 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

बिहार के वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन लोक गायिका कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में भारी हंगामा हुआ। दर्शकों की भीड़ बेकाबू हो गई और कुछ लोगों ने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दिया।
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लोग हंगामा करती हुई पुलिस मौजूद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के वैशाली में चल रहे महोत्सव के दूसरे दिन लोक गायिका कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में भारी हंगामा हो गया। दर्शकों की बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। महोत्सव का यह दिन दर्शकों के लिए संगीत और उत्साह से भरा था, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने माहौल बिगाड़ दिया।

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भीड़ बेकाबू, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
कल्पना पटवारी के मंच पर आने के लगभग आधे घंटे बाद दर्शकों में उत्साह बढ़ गया और भीड़ बेकाबू होने लगी। कुछ लोगों ने कुर्सियां फेंकना शुरू कर दिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा।

कल्पना पटवारी ने किया कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत कल्पना पटवारी ने उत्तर बिहार के प्रसिद्ध छठ पूजा गीत 'उग हे सूर्य देव...' से की। इसके अलावा उन्होंने नालंदा में हुई सामूहिक दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र करते हुए इसे शर्मनाक बताया। इसी संदर्भ में उन्होंने भिखारी ठाकुर का प्रसिद्ध गीत 'बेटी बेचवा' भी प्रस्तुत किया।
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लोकगीतों ने मोहा दर्शकों को
पटवारी ने 'बलमुवा कैसे तेजब, हे छोटी ननदी' सहित कई गीत गाए, जिस पर संगीत प्रेमियों ने खूब तालियां बजाईं। नालंदा की घटना पर आधारित मार्मिक गीत 'गिरजा दुखवा हमार कर साफ क के आंगन छिपा लोटा झुठ बन के रहली माइ के टहलनी हो बाबूजी अरे कवनो करनीया में चुकली हो बाबुजी' ने माहौल को भावुक कर दिया।

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प्रशासन ने किया तुरंत हस्तक्षेप
हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने उपद्रवी तत्वों को कड़ी चेतावनी दी और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम फिर से शुरू हुआ। उन्होंने 'बाबा दिहले टिकबा सेहू रे हम तेजबो, बलमुआ' और 'सेनुरवा कईसे तेजब रे छोटी ननदी' जैसे गीत गाए।
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कल्पना पटवारी ने 'नदिया के पार' फिल्म का चर्चित गीत 'कौने दिशा में' प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंच के सामने बैठे परिवार और अधिकारी भी गीतों का जमकर लुत्फ उठाते दिखे, और कई लोग अपने मोबाइल में यह पल कैद करते रहे। कार्यक्रम में भारी भीड़ जमा थी। बार-बार हो-हंगामे की कोशिशें होने पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया गया और दर्शकों ने लोक संगीत का भरपूर आनंद लिया।

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