बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अमर उजाला द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘सत्ता के संग्राम 2025’ के तहत शनिवार को मुजफ्फरपुर जिले के 93 कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र की जमीनी समस्याओं पर जोरदार बहस हुई। इस दौरान एनडीए और महागठबंधन के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
कुढ़नी विधानसभा, जो कभी लंबे अरसे तक कांग्रेस का गढ़ रहा, बाद में एनडीए और महागठबंधन दोनों के पास रहा। बावजूद इसके, क्षेत्र की कई पुरानी मांगें अब तक अधूरी हैं। एनडीए का दावा है कि उनकी सरकार ने अधिकांश समस्याओं का समाधान किया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि विकास कागजों तक ही सीमित है। बहस में बीजेपी की ओर से मीडिया सेल के साकेत ठाकुर, वीआईपी पार्टी की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष नीलाभ कुमार और राजद की ओर से अनीश कुमार सिंह ने अपनी-अपनी बात रखी।
बीजेपी प्रवक्ता साकेत ठाकुर ने कहा कि अब पुराना समय नहीं है। हमारी सरकार ने सड़क से लेकर अस्पताल तक की तस्वीर बदल दी है। आज कुढ़नी विकास की दहलीज पर खड़ा है। पूर्व में महागठबंधन के शासनकाल में अराजकता और अपराध का बोलबाला था। वहीं, वीआईपी पार्टी के नेता नीलाभ कुमार ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि आश्चर्य है कि ये लोग उपलब्धियां गिना रहे हैं। सड़के तो बनीं लेकिन जर्जर हो गईं। अस्पतालों में न दवा है, न डॉक्टर, न स्टाफ। किसान परेशान हैं और अपराध चरम पर है। यह सब केवल खोखले दावे हैं, जमीनी हकीकत शून्य है।
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राजद नेता अनीश कुमार सिंह ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महज 17 माह के कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर व्यवस्था दुरुस्त करने का काम किया। बीजेपी के यहां तो विधायक के साथ-साथ मंत्री भी हैं, फिर भी कुढ़नी की हालत पहले से बदतर है। जलजमाव से हर साल सैकड़ों एकड़ भूमि बर्बाद हो जाती है। जनता को बेहतर कुढ़नी का सपना दिखाकर सिर्फ ठगा गया है। कार्यक्रम के दौरान जनता के बीच भी यह चर्चा गर्म रही कि क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। एनडीए जहां विकास का दावा कर रही है, वहीं महागठबंधन और वीआईपी इसे ‘कागजी कार्य’ बता रहे हैं।