जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव निरीक्षण करते हुए।
वैशाली जिलाधिकारी सारण वैभव श्रीवास्तव ने अचानक अनुमंडलीय अस्पताल, सोनपुर का विस्तृत निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों, स्वच्छता व्यवस्था व मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को विभिन्न आवश्यक निर्देश दिए और सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थित सार्वजनिक शौचालय अक्रियाशील पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे अविलंब चालू करने का निर्देश दिया।
जीएनएम एवं नर्सिंग कर्मियों की कमी की बात आई सामने
मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) का निरीक्षण करने पर पाया गया कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जीएनएम एवं नर्सिंग कर्मियों की कमी के कारण इकाई पूरी तरह संचालित नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने सारण के सिविल सर्जन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश दिया कि योग्य जीएनएम एवं नर्सिंग स्टाफ की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करते हुए एमएनसीयू को 24×7 संचालित किया जाए। साथ ही उपलब्ध तीन शिशु रोग विशेषज्ञों की रोस्टर के आधार पर प्रतिनियुक्ति कर इकाई को प्रभावी ढंग से क्रियाशील बनाया जाए।
ऑडिट के लिए दिया गया निर्देश
जिलाधिकारी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एसएमओ को अस्पताल में उपलब्ध सभी चिकित्सा एवं गैर-चिकित्सा उपकरणों का कार्यात्मक ऑडिट कराने का निर्देश दिया, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। मातृ-शिशु सदन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रसव के समय विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई पर दिया गया जोर
इसके अतिरिक्त पर्याप्त एवं प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की तैनाती, खराब एयर कंडीशनरों की मरम्मत तथा पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नए वाटर टैंक लगाने का भी निर्देश दिया गया। अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने, चिकित्सकों के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई के लिए जीविका समूह अथवा नगर परिषद के माध्यम से स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई कराने के भी निर्देश दिए गए।
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ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए एयर कंडीशनर लगाने का निर्देश दिया गया। अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की सूची तैयार कर बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) को भेजने के लिए कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। यदि किसी दवा की आपूर्ति में विलंब हो या वह उपलब्ध न हो, तो नियमानुसार बाजार से खरीदकर मरीजों को उपलब्ध कराई जाए।