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वैशाली नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत के मामले में कार्रवाई तेज, नाविक और मालिक पर एफआईआर की तैयारी

Sun, 25 Oct 2026 01:04 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर की रात हुए नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
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घटना में शामिल नाव - फोटो : अमर उजाला
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बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक नाव हादसे के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद नाविक और नाव मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की पहल की गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने राघोपुर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

13 अक्टूबर की रात गंगा नदी की सोती में डूबी थी नाव

यह दर्दनाक हादसा 13 अक्टूबर की रात राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के भगतान टोला में हुआ था। महरानी स्थान पुल के उत्तर गंगा नदी की सोती में एक नाव दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गई थी। हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।

नाव के निबंधन और सुरक्षा मानकों की होगी जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाव के परिचालन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। बीडीओ की ओर से थानाध्यक्ष को दिए गए आवेदन में नाव के निबंधन की स्थिति, परिचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन, नाव पर सवार यात्रियों की संख्या और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता की जांच करने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही नाविक और नाव मालिक की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया है।

सूर्यास्त के बाद नाव चलाने और निषेधाज्ञा के पालन की भी होगी जांच

आवेदन में इस पहलू की भी जांच करने का अनुरोध किया गया है कि सूर्यास्त के बाद नाव का परिचालन किन परिस्थितियों में किया जा रहा था। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के अनुपालन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी।

जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका तय की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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