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Bihar: पुनौरा धाम की पार्किंग से लोगों में नाराजगी, जबरन वसूली का आरोप; राम बारात के स्वागत में उत्साह भी नहीं

Sun, 01 Dec 2024 04:03 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी

सार

Punaura Dham: मंदिर के महंत कौशल किशोर दास ने आयोजन की असफलता के लिए धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य और एसडीओ को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन बोर्ड और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
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राम बारात का स्वागत फीका रहने से लोगों में नाराजगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में पांच साल बाद अयोध्या से आई राम बारात का स्वागत इस बार फीका रहा, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी गई। जहां पहले हजारों की भीड़ उमड़ती थी, इस बार मंदिर परिसर सुनसान रहा। लोगों ने आरोप लगाया कि आयोजन के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था और अवैध वसूली के चलते श्रद्धालु असुविधा महसूस कर रहे हैं।

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महंत ने धार्मिक न्यास बोर्ड और एसडीओ को ठहराया जिम्मेदार
मंदिर के महंत कौशल किशोर दास ने आयोजन की असफलता के लिए धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य और एसडीओ को दोषी ठहराया। महंत ने कहा कि हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन बोर्ड और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। आयोजन के लिए जो व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं, वे पूरी नहीं की गईं।
 
पार्किंग विवाद और जबरन वसूली का आरोप
मंदिर परिसर में लगाए गए अवैध पार्किंग बैरिकेटिंग और जबरन वसूली को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पार्किंग इंचार्ज के नाम पर तैनात लोग अभद्र व्यवहार करते हैं और जबरन पैसे वसूलते हैं।
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न्यास बोर्ड के सह-सचिव उमेश चंद्र झा ने भी स्वीकार किया कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नियम है कि धार्मिक आयोजनों में पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता, खासकर मीडिया से कोई वसूली नहीं होनी चाहिए। लेकिन इसके बावजूद अभद्रता की शिकायतें आई हैं।
 
रद्द हुए कई कार्यक्रम
राम बारात के पुनौरा धाम पहुंचने पर देर रात 12:30 बजे महंत कौशल किशोर दास ने बारातियों का स्वागत किया। हालांकि इस दौरान कई परंपरागत कार्यक्रम रद्द कर दिए गए, जिससे आयोजन की रौनक कम हो गई। सुबह भी किसी प्रकार का बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
 
लोगों में भारी आक्रोश
आम जनता और श्रद्धालुओं ने न्यास बोर्ड और प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताई। बारातियों की सेवा-सत्कार में सामाजिक संगठनों ने आगे आकर सहयोग किया। कुछ श्रद्धालुओं ने अंग वस्त्र और मिथिला के पग देकर सम्मान किया, लेकिन वह उत्साह नहीं दिखा, जो पहले के आयोजनों में देखा जाता था।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनौरा धाम का माहौल पहले जैसा नहीं रहा। एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां पहले हजारों की भीड़ उमड़ती थी। इस बार न्यास बोर्ड की लापरवाही से पूरा आयोजन फीका हो गया।

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