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बिहार: बाढ़ के बीच राघोपुर में 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली काटी, कई पंचायतों में पसरा अंधेरा

Thu, 03 Sep 2026 05:15 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar News: बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए वैशाली के राघोपुर प्रखंड में 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति सुरक्षा कारणों से रोक दी गई है। इससे कई पंचायतों में अंधेरा और पेयजल समेत रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ गई हैं।
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राघोपुर क्षेत्र में बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित राघोपुर प्रखंड में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के खतरे और जनजीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विद्युत विभाग ने एक बड़ा और एहतियाती कदम उठाया है। राघोपुर विद्युत प्रशाखा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों के कुल 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है, जिससे प्रखंड के एक बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया है।
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हादसे की आशंका के बीच बिजली आपूर्ति रोकी
राघोपुर विद्युत विभाग के कनीय अभियंता रूपेश कुमार यादव ने बताया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों का बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों के साथ-साथ बिजली के पोल के निचले हिस्सों और ट्रांसफार्मरों तक पहुंच चुका है। पानी के संपर्क में आने से ट्रांसफार्मरों में करंट उतरने और किसी बड़े जान-माल के हादसे की आशंका बेहद बढ़ गई थी। इसी जोखिम को टालने के लिए विभाग ने बिना किसी देरी के विद्युत आपूर्ति बाधित करने का निर्णय लिया।

वीरपुर पंचायत सबसे ज्यादा प्रभावित
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ की चपेट में सबसे बुरी तरह वीरपुर पंचायत आई है। अकेले इसी क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर 16 ट्रांसफार्मरों की बिजली काटनी पड़ी है। इसके बाद जुड़ावनपुर, बरारी और करारी पंचायत में 15 ट्रांसफार्मर बंद किए गए हैं। जाफराबाद पंचायत में 13, चक सिंगार, लंका टोला और रामपुर में 12, जहांगीरपुर पंचायत में 6, राघोपुर क्षेत्र में 5, पहाड़पुर पश्चिमी में 2 और फतेहपुर पंचायत में 2 ट्रांसफार्मर बंद कर दिए गए हैं।
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अंधेरे और पानी के बीच जूझ रहे लोग
बिजली गुल होने से इन तमाम पंचायतों के सैकड़ों घरों और दुकानों में अंधेरा पसर गया है। ब्लैकआउट के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। संचार का एकमात्र साधन माने जाने वाले मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज होने से लोग बाहरी दुनिया से कटने लगे हैं। इसके अलावा घरों में लगे समरसेबल और मोटर पंप बंद पड़ने से शुद्ध पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। रोजमर्रा के जरूरी कार्यों और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी इसका विपरीत असर पड़ा है।

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पानी उतरने तक बिजली बहाली संभव नहीं
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और पोल-ट्रांसफार्मरों की तकनीकी एवं सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विद्युत आपूर्ति बहाल करना संभव नहीं है। विभाग बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और पानी कम होते ही युद्ध स्तर पर बहाली का काम शुरू किया जाएगा।
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