बिहार के वैशाली जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लालगंज थाना क्षेत्र में चोरी का सामान बरामद करने गई पुलिस टीम पर ही सोना, चांदी और नकदी गायब करने का आरोप लगा है। मामले की जांच के बाद डीआईजी चंदन कुमार कुशवाह ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
थानाध्यक्ष और दरोगा पर दर्ज होगी FIR
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और अवर निरीक्षक सुमन जी झा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। डीआईजी चंदन कुमार कुशवाह ने स्पष्ट किया कि पुलिस पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक है।
31 दिसंबर की घटना से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला 31 दिसंबर को सामने आया था, जब लालगंज के एसडीपीओ गोपाल मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पति-पत्नी द्वारा चलाए जा रहे चोरी के गिरोह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में रामप्रीत सहनी के घर से चोरी के बर्तन, टीवी, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इस मामले में आरोपी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया था।
जब्ती सूची को लेकर उठा विवाद
गिरोह के खुलासे के बाद यह आरोप सामने आया कि पुलिस ने रामप्रीत सहनी के घर से केवल बर्तन और टीवी ही नहीं, बल्कि कई किलोग्राम सोना, चांदी और बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की थी। आरोप है कि इन कीमती सामानों को जब्ती सूची में शामिल नहीं किया गया और उन्हें छिपा लिया गया।
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रिश्तेदार और गवाहों के आरोप
आरोपी रामप्रीत सहनी के रिश्तेदार गेना लाल सहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छापेमारी के दौरान पुलिस लाखों रुपये नकद, करीब 2 किलोग्राम सोना और 6 किलोग्राम चांदी अपने साथ ले गई, लेकिन इसका कोई उल्लेख दस्तावेजों में नहीं किया गया। गांव की एक महिला (सरकारी गवाह) ने भी कहा कि ग्रामीणों ने पुलिस को अन्य सामान ले जाते देखा था, जबकि आधिकारिक तौर पर केवल बर्तन और टीवी दिखाए गए।
निलंबन के बाद जांच तेज
आरोप सामने आने के बाद वैशाली के पुलिस अधीक्षक ने पहले ही थानाध्यक्ष और एक दरोगा को निलंबित कर जांच के आदेश दिए थे। अब डीआईजी स्तर की जांच के बाद एफआईआर के निर्देश से यह मामला और गंभीर हो गया है।