मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में नौ साल पहले एक युवक की हत्या के एक मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-13 दशरथ मिश्र ने दो सगे भाइयों, गौतम कुमार चौधरी और गौरव कुमार चौधरी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को उम्रकैद के साथ-साथ दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दरअसल यह मामला 5 दिसंबर 2016 का है, जब बरियारपुर गांव के अविनाश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में अभियोजन का कहना है कि अविनाश श्रीसियां गांव के निवासी गौतम के यहां काम करता था। गौतम और गौरव मादक पदार्थ गांजे के अवैध धंधे में लिप्त थे। दोनों भाई अविनाश को भी इस धंधे में शामिल करना चाहते थे, लेकिन इस बात के लिए अविनाश राजी नहीं था। दोनों भी अविनाश पर लगातार दबाव डाल रहे थे, जिसके बाद अविनाश ने साफ़ तौर पर ऐसा करने से उसने इनकार कर दिया।
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5 दिसंबर 2016 को गौतम ने अपने भाई गौरव, पिता सुरेंद्र और एक अन्य साथी धीरज के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और फिर उस शाम 6:30 बजे में जब अविनाश घर में खाना खा रहा था, तभी उन आरोपियों ने पीछे से घर में घुसकर उसे गोली मार दी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में अपर लोक अभियोजक ब्रजमोहन सिंह ने नौ गवाहों के बयान पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई। इस मामले में एक आरोपी धीरज अभी फरार है। आज इस केस में मृतक के परिजन को न्याय मिला है।