रेलवे प्रशासन द्वारा गोरखपुर-गोंडा खंड पर चुरेब-मुंडेरवा स्टेशनों के मध्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग की कमीशनिंग का कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग (एन.आई.) कार्य के कारण गाड़ियों के परिचालन में 23 से 26 दिसंबर 2024 तक अस्थायी बदलाव किया गया है। यह बदलाव गाड़ियों के निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन और ठहराव में संशोधन के रूप में सामने आए हैं।
ऑटोमेटिक सिग्नलिंग के लाभ
ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का उद्देश्य परिचालनिक सुगमता और रेलगाड़ियों की आवाजाही को अधिक कुशल बनाना है। यह तकनीक समय की बचत करने के साथ-साथ गाड़ियों के बीच टकराव जैसी घटनाओं को रोकने में सहायक होती है। इस तकनीकी कार्य के कारण कुछ गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
गाड़ियों का निरस्तीकरण
इस कार्य के कारण दो प्रमुख गाड़ियां निरस्त की गई हैं। 25 दिसंबर को ग्वालियर से चलने वाली 04137 ग्वालियर-बरौनी विशेष गाड़ी और 26 दिसंबर को बरौनी से चलने वाली 04138 बरौनी-ग्वालियर विशेष गाड़ी को रद्द किया गया है।
मार्ग परिवर्तन और ठहराव में संशोधन
कई विशेष गाड़ियों को निर्धारित मार्ग से हटाकर वैकल्पिक मार्गों पर चलाया जाएगा। बरौनी-नई दिल्ली (02563), दरभंगा-नई दिल्ली (02569), और नई दिल्ली-सहरसा (12554) जैसी गाड़ियां गोरखपुर-बस्ती-गोंडा मार्ग के स्थान पर गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा मार्ग से चलेंगी। इन गाड़ियों का बस्ती, खलीलाबाद और मनकापुर स्टेशनों पर ठहराव नहीं होगा।
नई दिल्ली-बरौनी (02564), आनंद विहार-रक्सौल (15274) और अन्य गाड़ियां भी इसी वैकल्पिक मार्ग से चलाई जाएंगी। इसके अलावा कटिहार-मुंबई सेंट्रल (09190) और सहरसा-आनंद विहार (05577) जैसी लंबी दूरी की गाड़ियां भी संशोधित मार्ग से चलाई जाएंगी।
यात्रियों को संभावित असुविधा
मार्ग परिवर्तन और ठहराव में हुए बदलाव से यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ असुविधा हो सकती है। विशेष रूप से बस्ती और खलीलाबाद जैसे स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना होगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी गाड़ी की स्थिति और मार्ग की जानकारी प्राप्त कर लें।
रेलवे की तैयारी और योजना
रेलवे प्रशासन ने इस तकनीकी कार्य को तेजी से पूरा करने का आश्वासन दिया है। एन.आई. कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है, ताकि परिचालन पर प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली के लागू होने से भविष्य में गाड़ियों का संचालन अधिक कुशल और सुरक्षित होगा। यात्रियों और माल ढुलाई में तेजी आएगी, जिससे रेलवे के परिचालन में सुधार होगा।
यात्रियों के लिए सुझाव
रेलवे यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे पूछताछ सेवा से जानकारी प्राप्त करें। यह कार्य रेलवे की दीर्घकालिक सेवा सुधार योजनाओं का हिस्सा है और इससे भविष्य में गाड़ियों की समयबद्धता और सुरक्षा में सुधार होगा।