मुजफ्फरपुर के इस युवा की बनाई गई इको फ्रेंडली डस्टबिन देगा अब प्रदूषण को चुनौती,मक्के की छिलके से बनी इस चीज की है खूब चर्चा।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के युवक नाज ओजैर ने किया है एक अनोखा डस्टबिन को तैयार जिसकी खूब है चर्चा।दअरसल मक्का के छिलके से बनाई गई हुई इस डस्टबिन के माध्यम से अब दुनिया भर के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में बनी हुई प्लास्टिक का विकल्प देने का किया गया है प्रयास।दअरसल बीते डेढ़ दशक से ग्लोबल वार्मिंग और भूमि जल को प्रदूषित करने वाले तत्व में शामिल प्लास्टिक से निजात दिलाने का मुजफ्फरपुर जिले के मुरादपुर गांव के निवासी मो नाज ओजैर ने इंको फ्रेंडली एक डस्टबिन को बनाया हैं।जिसे की वेस्ट और पुराने कपड़ों वाला इको फ्रेंडली डस्टबिन प्लास्टिक के डस्टबिन का विकल्प का रूप देने की कोशिश किया गया है और यह एक बेहतर विकल्प के रूप में साबित होगा।
इको फ्रेंडली डस्टबिन को लेकर के मो नाज ओजैर ने बताया कि अभी तक हम अपने आसपास में प्लास्टिक से बने हुए डस्टबिन को देखते आए हैं हम सब।और यह सब सामग्री के टूटने के बाद से प्लास्टिक का डस्टबिन न सिर्फ पर्यावरण को बल्कि जीव जंतु को भी हर प्रकार से नुकसान पहुंचाता है।इको फ्रेंडली डस्टबिन कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है जिसमें डस्टबिन लोहे या स्टील का एकंढांचा होता और उसके ऊपर में घर में रखे हुए और कोई भी पुराने कपड़े जैसे पैंट,शर्ट,टी शर्ट या कोई भी का कपड़ा लगा दिया जाता है।यह न सिर्फ पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाएगा बल्कि यह लाखों टन प्लास्टिक के उत्पाद को कम करने में मदद मिलेगी।और हम अपने आने वाले पीढ़ी को दुनिया भर में बढ़ रही हुई प्रदूषण और विशेषकर इस प्लास्टिक के कचड़े से निजात दिलाने में काफी मददगार हो सकते हैं।यही नहीं बल्कि इसको अपनी पसंद के अनुसार के कपड़े के रंग के हिसाब से बना भी सकते हैं जो दिखने में बेहद ही अच्छा और खूबसूरत लगता है।
इको फ्रेंडली डस्टबिन
इको फ्रेंडली डस्टबिन
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