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Bihar news: महाबीरी मेला बना बीमारी का केंद्र, जहरीला खाना खाने से सैकड़ों बीमार; इलाज जारी

Thu, 31 Jul 2025 04:22 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया

सार

Bihar: स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. विजय सिंह की अगुवाई में मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। बीमार लोगों को ORS घोल, एंटीबायोटिक दवाएं, एंटी-वॉमिटिंग इंजेक्शन और सलाइन चढ़ाई गई। बताया जा रहा है कि पीड़ितों में सबसे ज्यादा 6 से 16 वर्ष की आयु के बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।
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सांकेतिक - फोटो : AI
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विस्तार
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वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार मंगलवार की शाम को मझौलिया प्रखंड के माधोपुर मलाही टोला में महाबीरी झंडा मेले का आयोजन किया गया। यह मेला हर साल की तरह इस बार भी बड़े धूमधाम से आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। मेले में खाने-पीने के कई स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें पानीपूरी, चाट, चौमीन, मोमोज, भेलपुरी, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम आदि की बिक्री हो रही थी। शाम पांच बजे से ही लोग परिवार के साथ इन खाद्य सामग्रियों का आनंद लेने लगे।

हालांकि, मेला खत्म होते-होते यानी रात करीब 9 बजे से ही दर्जनों बच्चों और महिलाओं को अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बुधवार सुबह होते-होते यह खबर तेजी से फैल गई कि पानीपुरी खाने के बाद कई बच्चे बीमार हो गए हैं। गुरुवार तक यह स्थिति और भयावह हो गई। शुरुआत में लोगों ने घरेलू उपचार किए, लेकिन जब कई मरीज बेहोश होने लगे, तब उन्हें आनन-फानन में मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। अस्पताल प्रशासन को ऐसी भीड़ की पूर्व जानकारी नहीं थी, इसलिए शुरुआती अफरातफरी के बाद अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई, इमरजेंसी सेवा शुरू की गई और निजी क्लिनिकों से भी मदद ली गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाली स्थिति

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स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. विजय सिंह की अगुवाई में मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। बीमार लोगों को ORS घोल, एंटीबायोटिक दवाएं, एंटी-वॉमिटिंग इंजेक्शन और सलाइन चढ़ाई गई। बताया जा रहा है कि पीड़ितों में सबसे ज्यादा 6 से 16 वर्ष की आयु के बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।

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घटना की जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव रंजन, अंचलाधिकारी प्रमोद मिश्रा और थानाध्यक्ष मनीष कुमार गांव पहुंचे। उन्होंने मेला परिसर का निरीक्षण किया और सभी फूड स्टॉल्स को तत्काल बंद करा दिया। साथ ही खाद्य सामग्री के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट दो दिनों में आने की संभावना है।

ग्रसित लोगों की पहचान

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बीमार लोगों में सोनी कुमारी, प्रीति कुमारी, आदित्य कुमार, सत्यम कुमार, दीप कमल कुमार, कृतिका कुमारी, गीता देवी, धनंजय कुमार, प्रियंका कुमारी, खुशबू कुमारी, श्याम सुंदर कुमार, रश्मि कुमारी, प्रियांशी कुमारी, कुसुम कुमारी सहित दर्जनों लोग शामिल हैं। स्थानीय निवासी प्रभात कुमार ने कहा कि हर साल मेला लगता है, लेकिन कभी ऐसी घटना नहीं हुई। इस बार बगैर निगरानी के फूड स्टॉल्स ने बासी और दूषित सामग्री बेची। हम प्रशासन से न्याय की मांग करते हैं। पूरा टोला इस घटना से सदमे में है। बच्चों की हालत देखकर परिजन मानसिक रूप से टूट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अब तक 200 से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है, जिनमें से 25 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मेला आयोजकों से पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं फूड सेफ्टी विभाग की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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