बिहार के बेतिया में जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने शनिवार को पंचायत सरकार भवन में पंचायत पुस्तकालय और प्रखंड कार्यालय परिसर में बने नवनिर्मित जीविका भवन का उद्घाटन फीता काटकर किया। उद्घाटन जिले के मैनाटाड़ प्रखंड के मैनाटाड़ में किया गया। मौके पर डीएम ने कहा कि पंचायत पुस्तकालय से ग्रामीण इलाके के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। उन्हें छात्र जीवन में पुस्तकालय से लाभ मिलेगा। साथ ही मौके पर मौजूद प्रशिक्षु बीडीओ नगमा तबस्सुम और बीडीओ दीपक राम से कहा कि पंचायत सरकार भवन में संचालित पुस्तकालय का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराएं। आप सभी जब भी विद्यालय निरीक्षण में जाएं तो उस विद्यालय के छात्र- छात्राओं को बताएं कि मैनाटाड़ पंचायत में पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इससे छात्र- छात्राएं सहित प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र भी पुस्तकालय आकर पुस्तक पढ़ें। साथ ही पुस्तकालय में समाचार पत्र और प्रतियोगिता परीक्षा की पुस्तकें भी मौजूद रखें।
डीएम ने बताया कि प्रखंड के अन्य पंचायत में भी पंचायत पुस्तकालय का शुरू कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वहीं, मैनाटाड़ प्रखंड कार्यालय परिसर में भी मॉडल पुस्तकालय बनाने पर बीडीओ दीपक राम के अनुरोध को डीएम ने स्वीकार किया। साथ ही कहा कि यह अच्छा और प्रशंसनीय कार्य है, पुस्तकालय बनना चाहिए, जिससे छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो। मौके पर 553 पुस्तकों का डीएम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सरदार मंगल सिंह प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय की छात्राओं ने डीएम दिनेश कुमार राय सहित अन्य अधिकारियों का वंदना गाने गाकर स्वागत किया। डीएम ने छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।
वहीं, डीएम ने जीविका भवन का भी उद्घाटन किया। जीविका भवन उद्घाटन के समय डीएम ने जीविका दीदियां से बातचीत कर उनके जीविका से लाभ के बारे में से चर्चा किया। मौके पर जिला पदाधिकारी के द्वारा पचास वृद्ध असहाय महिला पुरुषों को इस कड़ाके की ठंड के मौसम में कंबल वितरण भी किया। कंबल पाकर असहाय लोग काफी खुश दिखें। मौके पर ओएसडी सुजीत कुमार, डीपीआरओ बेबी कुमारी, एसडीएम सूर्यप्रकाश गुप्ता, डीपीएम राजेन्द्र कृष्ण निखिल, प्रशिक्षु बीडीओ नगमा तबस्सुम, बीडीओ दीपक राम, बीपीआरओ गोविंद कुमार, एमओ सुप्रिया कुमारी, बीसी संगम कुमार, बीपीएम सरफुन नेशा, मैनाटाड़ थानाध्यक्ष मंटू कुमार, दरोगा रंजीत राम, प्रमुख प्रतिनिधि गणेश उर्फ भोट साह, सिकटा प्रमुख मुन्ना सिंह, उप प्रमुख खुर्शीद आलम, जिप सदस्य प्रतिनिधि अखिलेश्वर प्रसाद, मुखिया रामप्रवेश हजरा, इंद्रपाल सिंह, सरपंच श्रवण कुमार, उप मुखिया धनंजय कुमार, सचिव कमरूद्दीन अंसारी, रोहित कुमार, जेई नीतीश कुमार, जेई मनीष रंजन, लेखापाल वैद्यनाथ कुमार और कचहरी सचिव अनुराधा रावत आदि मौजूद रहे।
इधर, मैनाटाड़ प्रखंड के ही मैनाटाड़ बाजार में जिला परिषद मद से बन रहे सब्जी मार्केट में शेड निर्माण में अनियमितता की शिकायत जिप सदस्य प्रतिनिधि अखिलेश्वर प्रसाद ने डीएम दिनेश कुमार राय से की। डीएम को अखिलेश्वर प्रसाद ने बताया कि तीन शेड का निर्माण सब्जी मार्केट में करना है। इसमें एक शेड निर्माण को पूरा कर लिया गया है। वहीं, दो अन्य शेड निर्माण में केवल पिलरों का निर्माण कर छोड़ दिया गया। जबकि जेई के द्वारा पचास प्रतिशत राशि की निकासी भी कर ली गई है, जिस पर डीएम ने डीडीसी से इसकी जांच कर कर उचित कार्रवाई की बात कही।
नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बेतिया में नशा के विरुद्ध जागरूकता अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जागरूकता अभियान रथ को हरी झंडी जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय एवं पुलिस अधीक्षक बेतिया शौर्य सुमन ने संयुक्त रूप से दिखाकर रवाना किया। रथ को रवाना को समाहरणालय परिसर से किया गया। नशा के विरुद्ध जागरूकता अभियान रथ जिले के गांवों, हाट-बाजार सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर जाकर आमजन को नशा मुक्ति के लिए जागरूक एवं प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर माननीय विधायक, वाल्मीकि नगर धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी जिला गोपनीय शाखा सुजीत कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मौके पर मौजूद डीएम दिनेश कुमार राय ने कहा कि शराब का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि लीवर की बीमारी, कैंसर, दिल की बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा होता है। शराब बंदी से इन बीमारियों के मामलों में काफी कमी आई है। शराब का सेवन अक्सर घरेलू हिंसा से भी जुड़ा होता है। शराब बंदी से घरेलू हिंसा के मामलों में कमी आई है और परिवारों को सुरक्षित बनाने में मदद मिल रही है।
विदित हो कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के आठ साल पूरे हो गए हैं। शराबबंदी के बाद लोगों के जीवन में काफी प्रगति हुई है। सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा मद्य निषेध एवं नशामुक्ति को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, ताकि लोग नशामुक्ति के लाभों से अवगत हो सके। वहीं, शराबबंदी कानून से महिलाओं को काफी फायदा हुआ है। वैसी महिलाएं जो अपने पति के शराबी होने से परेशान थी, वह आज चैन की जिंदगी की रही हैं।