मुजफ्फरपुर जिले में मोतीपुर प्रखंड क्षेत्र के महमद्दा गांव के एक युवक की मौत मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई। यह घटना दो दिन पहले की है। हालांकि, इस बात की जानकारी कंपनी वालों ने परिजनों को घटना के अगले दिन बताया। कंपनी वालों ने बताया कि बॉयलर फटने से आग लगी थी और उसमें घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई है।
वहीं, शाम को जैसे ही मृतक का शव उसके पैतृक गांव में पंहुचा, परिजनों के बीच चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों की आंखें नम थीं। मिली जानकारी के अनुसार, युवक मुंबई के एक निजी कंपनी में बतौर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और बुधवार को कंपनी में काम करने के दौरान अचानक बॉयलर फट गया, जिसमें झुलस कर के उसकी मौत हो गई।
हालांकि, परिजनों का आरोप है कि घटना घटित होने के एक दिन बाद इसकी सूचना परिजनों को दी गई। ऐसे में कहीं न कहीं बात को छुपाने का प्रयास किया गया है कि आखिर लापरवाही से मौत हो गई है। मृतक की पहचान मोतीपुर प्रखंड क्षेत्र के बरूराज थाना क्षेत्र के महमद्दा गांव निवासी रामबहादुर सिंह के पुत्र दिग्विजय सिंह उम्र करीब 30 वर्ष के रूप में हुई है। मृतक महज ही एक माह पूर्व काम लग जाने से मुंबई में गया था।
मृतक दिग्विजय सिंह भाई में अकेला था। उसे एक पुत्र और एक पुत्री है। वहीं, उसके एक पुत्र ने मुख़ाग्नी दी। इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने बताया कि कंपनी के अधिकारी के द्वारा घटना के अगले दिन इस बात की जानकारी दिया गया कि वह घायल हो गए थे और इलाज में थे, अब मौत हो गई है। इसमें कहीं न कहीं एक बड़ी लापरवाही बरतने का मामला है। कंपनी के लोगों ने बताया कि हम शव को भेज रहे हैं। आप दाह संस्कार कर लें, आगे दो तीन दिनों के बाद हम कंपनी से बात कर आगे की कार्रवाई करेंगे।