बेतिया जिले के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत रामनगर थाना क्षेत्र के अर्जुन नगर में एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल में जमकर हंगामा किया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतका की पहचान तौलाहा पंचायत के सिगीर बहुवरी गांव निवासी संदीप राम की पत्नी चिंता देवी के रूप में हुई है।
दलालों के झांसे में आकर अस्पताल में कराई गई थी भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, चिंता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कुछ स्थानीय दलालों ने उन्हें रामनगर के अर्जुन नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल का संचालन कथित झोलाछाप डॉक्टर उषा सिंह कर रही थीं। परिजनों का आरोप है कि वहां न तो पर्याप्त चिकित्सा संसाधन थे और न ही प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी। इलाज में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे चिंता देवी और उसके गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की मौत हो गई।
परिजनों का हंगामा, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन अस्पताल पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मृतका के परिजन सदमे में हैं और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस ने अस्पताल को किया सील, FSL टीम कर रही जांच
सूचना मिलते ही रामनगर थाना अध्यक्ष ललन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बगहा अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो अस्पताल परिसर की जांच कर रही है।
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आरोपी डॉक्टर पहले भी जा चुकी है जेल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर उषा सिंह पहले भी एक चिकित्सा लापरवाही के मामले में जेल जा चुकी हैं। बावजूद इसके वह फिर से मरीजों का इलाज कर रही थीं। घटना के बाद से डॉक्टर उषा सिंह फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
क्षेत्र में गुस्सा, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद इलाके में गहरा आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही और स्वास्थ्य तंत्र की अनदेखी के कारण क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी अस्पतालों की भरमार हो गई है, जिससे आमजन की जान खतरे में पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषियों को कठोर सजा दी जाए और क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।