बिहार के वैशाली जिले में हुई एक विवाहित महिला की हत्या और उसके बाद शव को ठिकाने लगाने के सनसनीखेज मामले में सारण पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में प्रयुक्त वाहन के मालिक, जो कि पुलिस विभाग में ही सब-इंस्पेक्टर हैं, को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दरोगा पर हत्यारोपियों की मदद करने और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराने का आरोप है।
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क्या है पूरा मामला?
बीती 15-16 जनवरी की दौरान देर रात वैशाली जिले के करताहट थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने की नीयत से आरोपियों ने महिला के शव को उसके मायके यानी सोनपुर के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र स्थित चिड़िया बाजार में फेंक दिया था। सुबह घर के दरवाजे पर शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
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सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए सारण एसएसपी ने सोनपुर एएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया था। पुलिस ने जब घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें शव फेंकने की पूरी वारदात और प्रयुक्त गाड़ी कैद हो गई। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शव को ठिकाने लगाने के लिए जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, वह मुजफ्फरपुर के एक थाने में तैनात दरोगा संतोष रजक की है।
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फॉरेंसिक जांच और बरामदगी
पुलिस ने दरोगा के ससुराल वैशाली जिले के लालगंज से उक्त गाड़ी को बरामद किया। जब फॉरेंसिक टीम ने वाहन की सघन जांच की, तो गाड़ी के अंदर से मृतका के बाल बरामद हुए, जो इस कांड में गाड़ी की संलिप्तता का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रमाण बना।
अब तक की गिरफ्तारियां
पुलिस इस मामले में अब तक तीन लोगों को जेल भेज चुकी है। जेल भेजे गए आरोपियों में मुख्य आरोपी की भाभी सवीता देवी सहित दो आरोपी शामिल हैं। तीसरी गिरफ्तारी गाड़ी मालिक संतोष रजक की हुई है, जो मुजफ्फरपुर में दरोगा है। इस संबंध में एसएसपी ने का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे स्पीडी ट्रायल के लिए चिह्नित किया गया है। न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा सुनिश्चित कराई जाएगी। फरार चल रहे शेष तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है।