फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: बिहार में बैठकर अमेरिकी नागरिकों से कर रहा था ठगी, वैशाली के जंदाहा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

Mon, 04 Aug 2025 05:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar: एसपी ललित मोहन शर्मा ने बताया कि साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि जंदाहा थाना क्षेत्र निवासी बिरजू सिंह के मकान में साइबर ठगी से जुड़ा एक गिरोह सक्रिय है। इस सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने बिरजू सिंह के मकान पर छापेमारी की।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के वैशाली जिले में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो सभी पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। हालांकि, इस साइबर फ्रॉड रैकेट का मास्टरमाइंड बिरजू सिंह अब भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

एसपी ललित मोहन शर्मा ने बताया कि साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि जंदाहा थाना क्षेत्र निवासी बिरजू सिंह के मकान में साइबर ठगी से जुड़ा एक गिरोह सक्रिय है। इस सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने बिरजू सिंह के मकान पर छापेमारी की। वहां से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर उन्हें फर्जी तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगते थे। सोशल साइट्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ये लोग फर्जी नंबर और विज्ञापन डालते थे। जब अमेरिकी नागरिक कॉल करते थे, तो यह गिरोह उन्हें एक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने को कहता था। उस सॉफ्टवेयर के जरिए वे पीड़ित का मोबाइल या लैपटॉप हैक कर लेते थे और डिवाइस का पूरा डेटा अपने मास्टरमाइंड तक पहुंचा देते थे। इसके बाद गिरोह का सरगना पीड़ित के बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था।

विज्ञापन


पढ़ें: बेगूसराय में गांव-गांव पहुंचेंगे राजस्व कर्मी, अब आपके दरवाजे पर सुधरेगा जमीन का रिकॉर्ड; जानें सब

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कोलकाता के थाना इन्टाली निवासी डानियाल अख्तर (पिता अखिल अख्तर), सैयद (पिता शादाब अली), नूर आलम (पिता शेख अब्दुल), मोहम्मद एहताशाम (पिता मोहम्मद फकुरूद्दीन) के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले हैं। पुलिस ने गिरोह के ठिकाने से 10 मोबाइल फोन, 16 डेबिट कार्ड, 6 क्रेडिट कार्ड, 2 राउटर, 5 हेडफोन, 5 आधार कार्ड, 2 माउस, 2 वोटर आईडी कार्ड समेत साइबर ठगी से संबंधित कई अन्य सामग्री बरामद की है।

जांच के दौरान पुलिस को कुछ अमेरिकी नागरिकों के साथ-साथ अन्य देशों के नागरिकों के मोबाइल नंबर भी मिले हैं, जिनसे यह गिरोह पहले ही ठगी कर चुका है। इन मामलों की जांच भी अब की जा रही है। एसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड बिरजू सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें