वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में 13 मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बदल दिया गया है। उनकी जगह डॉ. सुशीला कुमारी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दो अतिरिक्त डॉक्टरों और दो जीएनएम की प्रतिनियुक्ति की गई है। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए राघोपुर और मोहनपुर में कुल छह एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जिला प्रशासन ने यह कदम राघोपुर प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया है। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही तय करना प्राथमिकता है।
राघोपुर पीएचसी के प्रभारी बदले, डॉ. सुशीला कुमारी को मिली जिम्मेदारी
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पीएचसी राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बदलने का फैसला लिया है। असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़ावनपुर, राघोपुर में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुशीला कुमारी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर का नया प्रभारी बनाया गया है। उन्हें अगले आदेश तक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
हर पाली में दो डॉक्टरों की मौजूदगी अनिवार्य
राघोपुर पीएचसी में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने हर पाली में कम से कम दो चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पारा मेडिकल कर्मियों की तैनाती रखने को भी कहा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को सुचारु बनाना और आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। जिला स्तर से दो चिकित्सकों और दो जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) कर्मियों की तत्काल प्रभाव से प्रतिनियुक्ति की गई है। इससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राघोपुर और मोहनपुर में तैनात की गईं छह एंबुलेंस
राघोपुर प्रखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता बढ़ाई गई है। इसके तहत तीन एंबुलेंस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राघोपुर को और तीन एंबुलेंस रेफरल अस्पताल, मोहनपुर को उपलब्ध कराई गई हैं। इस तरह दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल छह एंबुलेंस के जरिए मरीजों को जरूरत के अनुसार अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
एंबुलेंस चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की ड्यूटी पर जोर
प्रशासन ने एंबुलेंस सेवाओं को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है। उनकी ड्यूटी व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर एंबुलेंस मिल सके।