बिहार में भ्रष्टाचार पर EOU का बड़ा एक्शन,
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक तकनीकी कमलेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ईओयू थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने कमलेश कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है।
103 प्रतिशत से ज्यादा आय से अधिक संपत्ति का आरोप
ईओयू थाना कांड संख्या 24/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कमलेश कुमार मूल रूप से वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ गोपनीय सत्यापन कराया गया था। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया सामने आया कि उन्होंने अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये, यानी करीब 103.30 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। ईओयू अब आय, संपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।
पैतृक घर से लेकर सरकारी कार्यालय तक छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार सुबह से कमलेश कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इनमें वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र स्थित उनका पैतृक आवास शामिल है। इसके अलावा पटना के नार्थ एसके पुरी थाना क्षेत्र स्थित रामकृष्ण पथ के मनमोहन अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 302, राजीव नगर रोड नंबर-25सी स्थित मेधा बिल्डिंग और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना स्थित महाप्रबंधक तकनीकी के आधिकारिक कार्यालय कक्ष में भी तलाशी ली जा रही है।
बैंक खातों और जमीन-जायदाद के दस्तावेज खंगाले जा रहे
ईओयू की टीम छापेमारी के दौरान संपत्ति, निवेश, बैंक खातों और जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। तलाशी दल यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी अधिकारी की कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से मेल खाती है। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद इस मामले में और भी जानकारी सामने आ सकती है। ईओयू की ओर से कहा गया है कि तलाशी पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।