फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satta Ka Sangram: आज चुनावी रथ पहुंचेगा मुजफ्फरपुर, लीची नगरी में मतदाताओं से जानेंगे मुद्दे; कैसा है इतिहास?

Thu, 16 Oct 2025 05:24 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में आगामी 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। प्रदेश के चुनावी माहौल का जायजा लेने और राजनीतिक दलों के नेताओं से उनके वोट मांगने के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' 16 अक्तूबर को मुजफ्फरपुर पहुंचेगा। यहां जनता के मुद्दे जानने के बाद नेताओं के जवाब को तोला जाएगा।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आपके शहर मुजफ्फरपुर में 16 अक्तूबर 2025 सुबह 8 बजे ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित होगा। यह कार्यक्रम अमर उजाला पर लाइव टेलीकास्ट होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे युवाओं से चर्चा की जाएगी। शाम 4 बजे से कार्यक्रम में सभी पार्टी नेताओं, प्रत्याशियों, उनके प्रतिनिधियों/समर्थकों और आम जनता से सवाल-जवाब किए जाएंगे।

विज्ञापन


मुजफ्फरपुर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
बिहार का मुजफ्फरपुर जिला उत्तर बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली धरती के रूप में जाना जाता है। इसे उत्तर बिहार की राजधानी के रूप में देखा और समझा जाता रहा है। यह जिला गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी नदियों से घिरा हुआ है, जो इसे भौगोलिक दृष्टि से विशिष्ट बनाती हैं। मुजफ्फरपुर जिला 1875 में स्थापित हुआ था और महात्मा गांधी की चंपारण यात्रा के दौरान उनका पड़ाव भी रहा। स्वतंत्रता आंदोलन और समाजवादी आंदोलनों की प्रेरणा के रूप में यह जिला जाना जाता है। कवि रामवृक्ष बेनीपुरी और आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की धरती के रूप में भी यह क्षेत्र प्रसिद्ध है।

जानें मुजफ्फरपुर की भौगोलिक और धार्मिक दृष्टि
उत्तर बिहार के कई जिलों को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाले इस जिले की सामरिक महत्ता भी है। मुजफ्फरपुर का जुड़ाव पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सारण, दरभंगा, गोपालगंज और वैशाली जिलों से है। धार्मिक दृष्टि से यह जिला समृद्ध है। इसमें बाबा गरीब नाथ नगरी, माता चामुंडा देवी मंदिर (कटरा प्रखंड), माता भस्मी देवी मंदिर (पानापुर) सहित शहर में माता बंगलामुखी और माता राजराजेश्वरी देवी मंदिर प्रमुख स्थल हैं, जहां प्रतिवर्ष लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
विज्ञापन


शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
शैक्षणिक दृष्टि से मुजफ्फरपुर में लंगट सिंह कॉलेज, रामदयालु सिंह कॉलेज, महंत दर्शन दास महिला कॉलेज और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय हैं। लंगट सिंह कॉलेज में देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद भी व्याख्याता रह चुके हैं। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर और अन्य महान व्यक्तित्वों ने भी यहां योगदान दिया। स्वास्थ्य सेवा में श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अलावा उत्तर बिहार का एकमात्र टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर भी इस जिले में स्थापित है।

मुजफ्फरपुर जिले की विधानसभा सीटें और 2020 का परिणाम

 

विधानसभा क्षेत्र लोकसभा क्षेत्र 2020 का विजेता
मुजफ्फरपुर नगर मुजफ्फरपुर विजेंद्र चौधरी (कांग्रेस)
औराई मुजफ्फरपुर राम सूरत कुमार (बीजेपी)
गायघाट मुजफ्फरपुर निरंजन राय (राजद)
कुढ़नी मुजफ्फरपुर अनिल कुमार सहनी (राजद)
बोचहा मुजफ्फरपुर मुसाफिर पासवान (विकासशील इंसान पार्टी)
सकरा मुजफ्फरपुर अशोक कुमार चौधरी (जेडीयू)
मीनापुर वैशाली राजीव कुमार (राजद)
कांटी वैशाली मो. इसराइल मंसूरी (राजद)
बरुराज वैशाली अरुण कुमार सिंह (बीजेपी)
साहेबगंज वैशाली राजू कुमार सिंह (विकासशील इंसान पार्टी)
पारू वैशाली अशोक कुमार सिंह (बीजेपी)

मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि

मुजफ्फरपुर में मतदाता संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब यहां कुल नए मतदाता 3,291,748 हो गए हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 1,742,079 और महिला मतदाता 1,549,310 हैं। इसके अलावा 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की संख्या 54,052 है।

'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम प्रस्तावित

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें