Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन पूरा जोर लगाए हुए है। वहीं, 'वोट अधिकार यात्रा' अपने सफर पर है। राहुल और तेजस्वी की जोड़ी एनडीए गठबंधन को मात देने में जुटी हुई है। 11वें दिन यह यात्रा दरभंगा के जीवछ से शुरू की गई। मिथिलांचल में प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं में एक अलग जोश दिखा। हालांकि, यह क्षेत्र एनडीए का गढ़ कहा जाता है।
बिहार में कांग्रेस की ‘वोट अधिकार यात्रा’ लगातार रफ्तार पकड़ रही है। ग्यारहवें दिन राहुल गांधी ने दरभंगा के जीवछ घाट से यात्रा की शुरुआत की। खास बात यह रही कि इस बार उनके साथ बहन और कांग्रेस महासचिवप्रियंका गांधी भी शामिल हुईं।एनडीए का सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले मिथिलांचल में राहुल, प्रियंका और तेजस्वी की यह तिकड़ी अब सीधे सियासी जंग छेड़ती नजर आ रही है।
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यात्रा का रूट, महिला वोट बैंक पर प्रियंका की नजर
बुधवार को यह यात्रा जीवछ घाट से निकलकर भंडार चौक, बेला मोड़, बाघ मोड़, सिवधारा चौक और सिमरी-जाले होते हुए सीतामढ़ी में प्रवेश करेगी। वहीं, प्रियंका गांधी का यह दौरा हरतालिका तीज के दिन शुरू हो रहा है। इस मौके पर लाखों महिलाएं व्रत रखती हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति भी है।
मिथिलांचल का सियासी इतिहास
एक दौर में मिथिलांचल कांग्रेस और आरजेडी का गढ़ माना जाता था, लेकिन जेडीयू-बीजेपी गठबंधन ने बीते वर्षों में इसे एनडीए का मजबूत किला बना दिया। अब महागठबंधन इस इलाके में वोट अधिकार यात्रा के जरिए माहौल बनाने और एनडीए के किले में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है।
'दिल्ली की सरकार को भी हिला रही यह यात्रा'
कांग्रेस किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी की यह यात्रा बिहार ही नहीं, दिल्ली की सरकार को भी हिला रही है। इसका साफ संदेश है कि अब वोट की चोरी नहीं चलेगी। लेकिन देखना होगा की आने वाले समय पर यह यात्रा कितनी कारगर साबित हो पाती है। प्रियंका महिला वोटर्स को लुभाने में कितनी सफल हो पाती हैं।