वैशाली जिले के हाजीपुर जंक्शन से एक बच्चे को चोरों ने चुराकर बेच दिया। बताया गया कि बच्चा अपने मां-बाप के साथ जंक्शन पर सोया हुआ था, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया। बच्चे की पहचान सुमित कुमार के छोटे पुत्र मोहम्मद फहिम उर्फ राजा बाबू के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया और जांच शुरू की गई।
3 दिसंबर को बच्चा अपने माता-पिता के साथ हाजीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सोया था। 4 दिसंबर की सुबह करीब 6 बजे जब माता-पिता की नींद खुली तो तीन में से एक बच्चा गायब था। इसके बाद परिजनों ने जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई।
जंक्शन पर लगे सीसीटीवी को खंगालने पर एक महिला और पुरुष बच्चे को चुराते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों की पहचान वैशाली के बिदुपुर थाना क्षेत्र के रंजीत कुमार के पुत्र अर्जुन कुमार और हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के चौकोर निवासी स्व. रामचंद्र चौधरी की पत्नी किरण देवी के रूप में की। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो पता चला कि इस घटना में कुल छह लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद बच्चा बिदुपुर के सोनू को सौंप दिया गया।
पढे़ं: सहरसा में स्वास्थ्य व्यवस्था ने दो परिवारों को मौत के बाद भी दी तड़प, कंधे और स्ट्रेचर से ढोना पड़ा शव
पुलिस ने छापेमारी कर सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सोनू ने खुलासा किया कि बच्चे को 3 लाख 50 हजार रुपये में बेच दिया गया है और यह सौदा एक डॉक्टर ने करवाया था। सोनू ने बताया कि समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी के डॉक्टर अविनाश कुमार और उनकी सहयोगी मुन्नी कुमारी के कहने पर यह सौदा हुआ। बच्चा डॉक्टर अविनाश और मुन्नी को सौंप दिया गया, जिसके बदले सोनू को 1,30,000 रुपये मिले। पुलिस ने इस कांड में शामिल छह लोगों अनिल कुमार साह (समस्तीपुर), गुड़िया देवी (समस्तीपुर), मुन्नी कुमारी (समस्तीपुर), अर्जुन कुमार (बिदुपुर), सोनू कुमार (बिदुपुर) और किरण देवी (हाजीपुर) को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि डॉक्टर अविनाश अभी फरार है।