अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा
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बेतिया जिले के मैनाटांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण एक नवजात बच्ची की प्रसव के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर बवाल काटा और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है।
जन्म के समय स्वस्थ थी बच्ची
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात इनरवा थानाक्षेत्र के इनरवा गांव निवासी रामबली महतो की भतीजी संजू कुमारी का प्रसव मैनाटांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। प्रसव के बाद नवजात बच्ची स्वस्थ दिख रही थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल डॉक्टर अजीत कुमार को जानकारी दी, जिन्होंने बच्ची को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने सवाल उठाए कि प्रसव के बाद बच्ची स्वस्थ थी तो फिर उसकी अचानक मृत्यु क्यों हो गई।
परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लगाए आरोप
प्रसूता महिला के चाचा रामबली महतो ने आरोप लगाया कि जब नवजात बच्ची की स्थिति बिगड़ी, तब चिकित्सक या अस्पताल स्टाफ ने तुरंत उसे रेफर क्यों नहीं किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एएनएम और ममता द्वारा डॉक्टर को क्यों नहीं बुलाया गया। उनके अनुसार, अगर बच्ची को सही समय पर रेफर किया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. विजय कुमार चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर मामले की गहन जांच शुरू की। उन्होंने प्रसूता महिला के चाचा से घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच संबंधित एएनएम और ममता को लेबर रूम से छह महीने के लिए हटा दिया गया है। सीएचसी प्रभारी ने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएस से भी की शिकायत
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सिविल सर्जन से भी संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत की। परिवार ने मांग की कि अस्पताल प्रशासन इस घटना की पूरी जांच करे। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचा जा सके।