फोटो मैनाटाड़ थाना - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
मैनाटाड़ थाना क्षेत्र में दहेज लोभियों की निर्दयता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 25 वर्षीय विवाहिता सुनीता देवी की हत्या कर उसके शव को बोरे में बांधकर हरपतबेनी नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने शव को नदी के दक्षिणी हिस्से से बरामद कर लिया। शव की बरामदगी के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतका के पिता नगीना पटेल, निवासी कुमारबाग थाना क्षेत्र, ने थाने में आवेदन देकर कहा कि उन्होंने बेटी सुनीता की शादी हजमाटोला गांव निवासी ब्यास पटेल के पुत्र राजकुमार पटेल (30) से की थी।
परंतु शादी के बाद से ही दामाद राजकुमार और उसके परिजन लगातार दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग कर रहे थे। दहेज नहीं मिलने पर वे सुनीता पर कई बार अत्याचार भी करते थे। नगीना पटेल ने बताया कि उन्हें 23 नवंबर को सूचना मिली कि उनकी बेटी संदिग्ध परिस्थिति में लापता है। खोजबीन के बीच यह साफ हो गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपी परिवार ने सुनीता की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को बोरे में बंद कर नदी में फेंक दिया। सूचना मिलते ही फिलहाल आरोपी घर छोड़कर फरार हो चुके हैं।
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थानाध्यक्ष शंभूशरण गुप्ता ने बताया कि मृतका के पिता नगीना पटेल द्वारा दिए गए आवेदन पर इस कांड में पति राजकुमार पटेल, ससुर व्यास पटेल, सास सीता देवी, देवर सुग्रीव पटेल, रामलाल पटेल, प्रकाश कुमार और सुजीत कुमार सहित कुल 11 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 6 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।वही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बेतिया भेज दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट होगी की मौत कैसे हुई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गांव में इस घटना से मातम फैल गया है। मायके और ससुराल दोनों पक्षों में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग दहेज प्रथा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।