पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मठिया पंचायत के वार्ड संख्या–1 में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता की मौत के बाद ससुराल पक्ष पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव जलाने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के पहुंचते ही पति समेत ससुराल के सभी लोग अधजली लाश छोड़कर मौके से फरार हो गए।
मृतका की पहचान बैरिया थाना क्षेत्र के बलुआ रामपुरवा निवासी गणेश साह की 36 वर्षीय पुत्री गीता देवी के रूप में हुई है। गीता देवी की शादी वर्ष 2017 में मठिया गांव निवासी भरत साह के पुत्र हरिलाल साह से हुई थी। वह तीन बेटियों और दो बेटों समेत पांच बच्चों की मां थी। सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है।
छह माह पूर्व गांव में पंचायत भी हुई थी
बुधवार को गीता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि मौत के तुरंत बाद ससुराल पक्ष ने बिना किसी को सूचना दिए आनन-फानन में शव जलाना शुरू कर दिया। इसी दौरान घटना की जानकारी मिलने पर मायके पक्ष के लोग गांव पहुंचे। चिता जलती देख उन्होंने हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी।
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सूचना मिलते ही लौरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही पति, सास-ससुर समेत अन्य परिजन फरार हो गए। पुलिस ने चिता से अधजला शव बरामद किया। मायके पक्ष का कहना है कि शव को पूरी तरह नष्ट कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
लगातार छापेमारी की जा रही
लौरिया थाना पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। फिलहाल पति सहित ससुराल पक्ष के सभी सदस्य फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। पांच मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने से हर आंख नम है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।