बिहार की धरती पर बिहार में व्यवस्था परिवर्तन के लिए अपनी भूख प्यास को त्याग कर विगत चार दिन से अन्ना हजारे के निर्देश के आलोक में लोक आंदोलन न्यास के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठी कल्पना इनामदार के हौसलों को जैसे बा और बापू का आशीर्वाद मिल गया है। भूख प्यास के कारण पांच किलो वजन कम होने के बावजूद भी कल्पना अपने इरादे पर डटी हुई है।
उन्होंने नरकटियागंज के अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र लिखकर अपने इस आमरण अनशन की अवधि को बढ़ाने के लिए आग्रह किया है। कल्पना ने संवैधानिक तरीके से अपनी विनम्रता दिखाते हुए अपने आमरण अनशन की अवधि के एक्सटेंशन के लिए पत्र लिखा है। कल्पना ने बताया कि बापू की इस सत्याग्रही धरती के पवित्र आबोहवा से मुझे अद्भुत ऊर्जा मिल रही है। लोगों का असीम प्यार मिल रहा है, जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगी।
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लोक आंदोलन न्यास की ओर से वकील द्वारा वृहस्पतिवार को पटना हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गयी है। इस याचिका में कल्पना इनामदार के सत्याग्रह का जिक्र करते हुए भितिहरवा आश्रम के पास इसकी अवधि के विस्तार का जिक्र किया गया है। अन्ना जी की टीम से दत्ता आवारी, नाना आवारी, सुखदेव विर्क, प्रेमनाथ गुप्ता ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए कार्यकर्ताओं और जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों का अद्भुत प्यार मिल रहा है। इससे कल्पना को हिम्मत भी मिल रही है और उन्हें पूरा भरोसा है कि बिहार के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के पर्यवेक्षण में समिति का गठन जरूर होगा।
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कोर्ट की तरफ से सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई है। इस बीच उन्होंने नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी को अपने सत्याग्रह की जानकारी देते हुए इस कार्यक्रम की अवधि विस्तार के लिए भी अनुरोध किया है। विदित हो की कल्पना बिहार में व्यवस्था परिवर्तन के लिए आमरण अनशन पर बैठी हुई है और उनका कहना है कि जब तक प्रधानमंत्री के पर्यवेक्षण में बिहार विकास समिति का गठन नहीं हो जाता, तब तक वह अपने अनशन को नहीं तोड़ेंगी। बारी-बारी से जनप्रतिनिधियों का भी पहुंचना शुरू हो गया है।