बिहार का एकलौता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पुल की रेलिंग पर एक रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब एक तेंदुआ जंगल से निकलकर पुल की रेलिंग पर मस्ती करते दिखा। तेंदुआ को देख पर्यटक गदगद हो गए। फिर पुल से उतर तेन्दुआ सड़क पर टहलता नजर आया। यह नजारा देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे और इस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। तेंदुआ कुछ देर तक पुल की रेलिंग पर चढ़कर अठखेलियां करता रहा और फिर गाड़ियों की हेडलाइट की रोशनी देखकर जंगल की ओर चला गया।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व है, जो 899 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जंगल बाघ, तेंदुआ, हाथी, गैंडा और दुर्लभ पक्षियों की कई प्रजातियों का घर है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इस जंगल में बाघों और तेंदुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। 2018 में यहां 10-12 तेंदुए थे, लेकिन अब इनकी संख्या 120 से अधिक हो गई है। वहीं, बाघों की संख्या भी 54 के करीब पहुंच चुकी है।
आपको बताते चलें कि यह मामला रात करीब 10:40 बजे की बताई जा रही है। जब अतुल कुशवाहा, कन्हैया कुशवाहा, लड्डू कुशवाहा और संदीप कुशवाहा अपनी गाड़ी से बगहा से वाल्मीकि नगर की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर अचानक पुल की रेलिंग पर बैठे तेंदुए पर पड़ी। कुछ देर तक वह रेलिंग पर बैठा रहा, फिर सड़क पर टहलने लगा। पर्यटकों ने जैसे ही अपनी गाड़ी की हेडलाइट जलाई, तेंदुआ धीरे-धीरे जंगल की ओर बढ़ गया और कुछ ही पलों में वहां से ओझल हो गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है।
जानिए तेंदुए के बारे में
तेंदुआ ऊंचे पेड़ों पर आसानी से चढ़ सकता है और वहीं पर शिकार भी छुपा सकता है। यह एक बार में 20 फीट तक छलांग लगा सकता है। तेंदुआ 60 किमी/घंटा की गति से दौड़ सकता है।तेंदुआ जंगलों, पहाड़ों, खेतों और यहां तक कि मानव बस्तियों के पास भी आसानी से रह सकता है।यह आमतौर पर रात के समय शिकार करता है और बहुत ही शांत व गुप्त तरीके से अपने शिकार पर हमला करता है।