पश्चिम चंपारण में शुक्रवार का दिन रेल यात्रियों के लिए एक बड़े हादसे में बदल सकता था। लेकिन एक लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ ने सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं। बेतिया नरकटियागंज रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी क्षतिग्रस्त पाई गई। उसी समय इंटरसिटी ट्रेन वहां से गुजर रही थी।
जानकारी के अनुसार, कुमारबाग से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन जैसे ही खराब ट्रैक के पास पहुंची, लोको पायलट को पटरी में कुछ गड़बड़ी दिखी। उन्होंने स्थिति को तुरंत समझ लिया। बिना देर किए ट्रेन की रफ्तार कम कर दी। उनकी इस तेजी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। अगर जरा सी भी लापरवाही होती तो परिणाम बहुत भयावह हो सकते थे।
यात्रियों में दिखी दहशत
जब यात्रियों को घटना की जानकारी मिली तो कई लोगों के चेहरे पर डर साफ नजर आया। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे कुछ ही पल पहले एक बड़े खतरे से गुजर चुके हैं। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त रेल लाइन की जांच शुरू की।
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ट्रेनों की आवाजाही रोकी गई
सुरक्षा को देखते हुए संबंधित ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से नियंत्रित की गई। मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि पटरी क्षतिग्रस्त होने का कारण क्या था।
लोको पायलट बना सच्चा नायक
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता कितनी जरूरी है। एक पल की सजगता ने सैकड़ों परिवारों को दुख से बचा लिया। यात्रियों ने लोको पायलट की सूझबूझ की सराहना की। लोगों ने उन्हें सच्चा नायक बताया।