फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Murder Mystery : जिसे कूच-कूच कर मारा, उसी बच्ची के शव के साथ 24 घंटे कमरे में रहा; एक हरकत से पुलिस ने दबोचा

Sun, 26 Apr 2026 05:31 PM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : डेढ़ महीने से ताक में था। स्टिकर देकर बच्ची का विश्वास जीता और फिर कमरे में ले गया। वहां कुछ ऐसा हुआ कि कूच-कूच कर उसे तुरंत मार डाला। शव भी ठिकाने लगा चुका था, लेकिन एक हरकत कर हत्यारा पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
विज्ञापन
पटना एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ठेले पर स्टीकर, फोटो और चाबी का रिंग बेचने वाला ही मासूम बच्ची का कातिल निकला। उसने मासूम बच्ची के साथ गंदा काम करना चाहता था, लेकिन बच्ची के शोर मचाने के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका और खुद को बचाने के लिए मशाला पीसने वाले लोढ़ी से कूच-कूच कर मासूम बच्ची की हत्या कर दी। 
विज्ञापन

अब पटना पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है। पटना पुलिस ने गंदी सोच की घिनौनी कहानी भी अब सामने लाकर रख दी है। 
यह खबर भी पढ़ें-Bihar School Time : स्कूल के समय को लेकर पटना डीएम का नया आदेश जारी, भीषण गर्मी को लेकर लगाया प्रतिबंध

स्कूल ड्रेस में दूध पहुंचा कर लापता हो गई थी मासूम बच्ची 
घटना के संबंध में पटना एसएसपी ने बताया कि आरोपी दिनभर घूमकर स्टीकर, फोटो, चाबी का रिंग वगैरह बेचता था। घटना 22 अप्रैल की है, ज़ब एक नाबालिग बच्ची विद्यालय जाने के दौरान स्कूल ड्रेस में दूध पहुंचाने के लिए बाहरी बेगमपुर के मीठाकुआँ गई थी। दूध पहुंचाकर वह वापस घर नहीं लौटी। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन बच्ची की खोजबीन करने लगे। बच्ची को खोजते-खोजते सुबह से शाम हो गई, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चल पाया। अंत में शाम को परिजन बाईपास थाना पहुंचे और बच्ची की गुमशुदगी का रिपोर्ट लिखवाया। मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस सुबह के घटनाक्रम के हर कड़ी को जोड़कर जाँच में जुट गई। कहीं कोई चूक न हो जाए इसके लिए डॉग स्कॉयड को भी मंगवाया गया। घटना के गंभीरता को देखते हुये पटना एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) पटना के निगरानी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिटी-02 डॉ गौरव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। म्हणत रंग लाई और पुलिस ने आरोपी को दबोच   लिया।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar: मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद पहली बार JDU दफ्तर में नीतीश, कैबिनेट विस्तार पर डिप्टी सीएम ने क्या कहा?

डेढ़ महीने से था ताक में 
पटना एसएसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान रंजीत कुमार के रूप में की गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए सारी बात बताई। आरोपी ने बताया कि वह ठेले पर घुम-घुम कर स्टीकर, फोटो, चाबी का रिंग वगैरह बेचता है। बच्ची अक्सर उसी के घर के रास्ते से दुध पहुँचाने अकेले जाया करती थी, जिसपर वह करीब एक-डेढ़ महीना से निगाह रख रहा था। इस बीच वह बच्ची से नजदीकियां बढ़ाने के लिए उसे स्टीकर, फोटो के साथ-साथ कभी-कभी कुछ रूपया भी दे दिया करता था। घटना के दिन सुबह भी बच्ची जब दुध पहुंचाकर अकेले वापस लौट रही थी, तो रंजीत कुमार उसे स्टीकर देने के बहाने अपने घर में ले गया और गलत नियत से घर का दरवाजा बंद कर लिया। फिर वह उसके साथ गलत काम करने की कोशिश करने लगा। उसकी गंदी हरकत को देखकर बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी। बच्ची के चीख सुनकर कोई आ न जाए इस डर से आरोपी रंजीत कुमार ने घर में रखे मसाला पीसने वाले पत्थर के लोढ़ी से बच्ची के सिर पर जोर से प्रहार कर दिया, जिससे बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई।  गंभीर चोट लगने से बच्ची मूर्छित होकर गिर पड़ी, जिसके बाद आरोपी रंजीत कुमार ने बच्ची के शरीर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद रंजीत कुमार ने मृतका का शव अपने घर में ही बेड के नीचे रख दिया
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar: बिहार में आज कितनी जगहों पर आंधी-बारिश के आसार हैं? चार जिलों में रेड अलर्ट; पटना का मौसम कैसा रहेगा?

हत्या कर 24 घंटे तक अपने ही कमरे में रखी लाश
पटना एसएसपी ने बताया कि जांच शुरू हुई। मोहल्ले में पुलिस की गतिविधि तेज होते देख आरोपी ने अगली सुबह लाश को कंबल में लपेटा और अपने कमरे से निकल कर बाहरी बेगमपुर अन्तर्गत कोल्ड स्टोरेज के पीछे मुतानिया गली में फेंक दिया। पटना एसएसपी ने बताया कि हत्या करने के बाद आरोपी रंजीत ने लगभग 24 घंटे तक लाश को अपने ही कमरे में रखा। क्यों कि वह लाश को खपाने के लिए अंधेरा होने का इंतजार कर रहा था। इस बीच शाम होते ही पुलिस की गतिविधि तेज हो गई, जिस वजह से उसे लाश फेंकने का मौका नहीं मिल पाया।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : राजधानी पटना में हवलदार ने की खुदकुशी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप; अधिकारी बता रहे यह कारण

इस हरकत पर पुलिस को हुआ शक 
पुलिस सबसे पहले उस शख्स के पास गई जहां बच्ची ने दूध पहुँचाया था। फिर कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस का शक रंजीत की तरफ आकर अटक गया। दरअसल आरोपी रंजीत की एक हरकत को देखकर पुलिस को उस पर शक हो गया। पुलिस ने पाया कि रंजीत कुमार अपने घर के बगल में स्थित कुड़ा-कचड़ा के ढेर में कुछ सामान जला रहा है। साथ ही वह अपने घर से संदिग्ध सामान धीरे-धीरे फेंक रहा था। पुलिस को शक हुआ तो शक के आधार पर पुलिस उन सामानों की जांच करने लगी। फिर पुलिस  रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। पुलिस ने जब सख्ती की तब आरोपी रंजीत ने पूरी कहानी पुलिस को बयां कर दी। उसने बताया कि वह नागेन्द्र कुमार के मकान में बतौर किरायेदार रहता है और उस बच्ची पर वह लगभग दो महीनों से नजर गड़ाए हुए था।



इन सामानों की हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपी रंजीत कुमार की निशानदेही पर उसके घर की तलाशी ली, तो पुलिस भी हैरान रह गई। घर के अंदर पड़े हुए सामान और घर की स्थिति खुद ब खुद गुनाह की पूरी कहानी को बयां कर रहे थे। बच्ची की हत्या में प्रयुक्त खून लगा पत्थर लोढ़ी (मसाला पीसने वाला), खून लगा हुआ दो तकिया, स्टील का केन (जिसमें बच्ची दूध लेकर पहुंचाने गयी थी), घर की दीवाल पर लगे खून के धब्बे, विभिन्न प्रकार के स्टीकर, विवो कंपनी का एक एण्ड्रॉयड मोबाईल, जिसमें अनेकों अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक फोटोग्राफ, लाल रंग का एक गमछा तथा रंजीत कुमार के घर के बगल में कुड़ा-कचड़ा के ढेर में से खून लगा हुआ तकिया का तीन कवर, खून लगा हुआ  बेडशीट, रंजीत कुमार द्वारा घटना के समय पहना हुआ खून लगा काले रंग का पेंट, रंजीत कुमार का खून लगा सफेद रंग का रूमाल, लाल रंग के गमछा का टुकड़ा तथा बच्ची का चप्पल बरामद किया गया। पटना पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझाकर राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें