बिहार के मुंगेर में नोट डबलिंग के नाम पर ठगी करने की कोशिश कर रहे दिल्ली के तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के बैग से 500-500 रुपये के असली नोटों के बीच कागज के टुकड़े रखकर बनाई गई संदिग्ध गड्डी बरामद हुई। पुलिस ने नकदी, मोबाइल फोन और बिस्कुट के पैकेट भी जब्त किए हैं।
रुपये दोगुना करने का लालच देकर लोगों को ठगने की तैयारी कर रहे दिल्ली के तीन युवक मुंगेर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तीनों ट्रेन से मुंगेर पहुंचे थे। उनके पास एक ऐसी गड्डी मिली, जिसके ऊपर और नीचे 500 रुपये के असली नोट लगाए गए थे, जबकि बीच में कागज के टुकड़े रखे थे। पहली नजर में यह गड्डी असली नोटों जैसी दिखाई देती थी। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है।
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गुप्त सूचना पर पुलिस ने तीनों को दबोचा
कोतवाली थाना पुलिस ने जिला आसूचना इकाई के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को गिरफ्तार किया। कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक नोट डबलिंग के नाम पर लोगों को ठगने की फिराक में हैं। इसके बाद जिला आसूचना इकाई और कोतवाली थाना के एसआई रतन कुमार की टीम ने एक नंबर ट्रैफिक के पास संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया।
500 के असली नोटों के बीच रखे थे कागज
तलाशी के दौरान आरोपियों के पिट्ठू बैग से रुमाल में बंधी एक संदिग्ध गड्डी बरामद हुई। गड्डी के सबसे ऊपर और सबसे नीचे 500-500 रुपये के असली नोट लगाए गए थे। इनके बीच कागज के टुकड़े रखे गए थे, जिससे पूरी गड्डी देखने में असली नोटों जैसी लग रही थी। पुलिस के मुताबिक, इसी तरीके से लोगों को रुपये दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करने की योजना थी।
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दक्षिणी दिल्ली की जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद चांद, मोहम्मद तरवेज और विशाल कुमार के रूप में हुई है। तीनों दक्षिणी दिल्ली स्थित जेजे कॉलोनी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों ट्रेन से दिल्ली से मुंगेर पहुंचे थे। पूछताछ में उन्होंने पहली बार मुंगेर आने की बात बताई है।
नकदी, मोबाइल और बिस्कुट के पैकेट भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब साढ़े आठ हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, संदिग्ध नोटों जैसी गड्डी और बिस्कुट के पैकेट बरामद किए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले कहीं इसी तरीके से ठगी की है या नहीं। साथ ही गिरोह में अन्य लोगों की भूमिका और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।