एसएचओ सुनील कुमार राजवंशी किए गए निलंबित
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शेखपुरा जिले में कोर्ट के आदेश का पालन न करने के आरोप में अरियरी थानाध्यक्ष सुनील कुमार राजवंशी को निलंबित कर दिया गया है। एसपी बलिराम चौधरी ने यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की और निलंबन के बाद उन्हें पुलिस केंद्र में योगदान देने का निर्देश दिया गया।
आखिर हुआ क्या था?
जानकारी के मुताबिक, अरियरी थाना कांड संख्या 298/2022 में इटहरा गांव के इंदल यादव सहित चार आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत दी थी, लेकिन शर्त यह थी कि वे हर महीने थाने में हाजिरी देंगे। इसके बावजूद आरोपियों ने थाना में हाजिरी नहीं लगाई और इस दौरान एक और अपराध कर दिया। इस नई घटना के बाद उनके खिलाफ अरियरी थाना में कांड संख्या 36/2023 दर्ज किया गया।
कोर्ट को जानकारी न देने पर थानाध्यक्ष पर गिरी गाज
नियमों के अनुसार, अगर कोई आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो पुलिस को इसकी सूचना न्यायालय को देनी होती है। लेकिन थानाध्यक्ष सुनील कुमार राजवंशी ने न तो इस नई एफआईआर की जानकारी कोर्ट को दी और न ही यह बताया कि आरोपी हाजिरी देने नहीं आ रहे थे। जब मामला एसीजेएम (अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी) के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने इस लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया और सभी चार आरोपियों की जमानत रद्द कर दी। साथ ही थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर
कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए एसपी बलिराम चौधरी ने थानाध्यक्ष सुनील कुमार राजवंशी को निलंबित कर दिया। फिर उन्हें पुलिस केंद्र में योगदान देने का आदेश दिया। इस घटना ने पुलिस प्रशासन में जवाबदेही की कमी को उजागर किया है।