डॉक्टरों की लापरवाही से दो दिन में दो नवजातों की मौत होने का आरोप
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शेखपुरा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। अस्पताल परिसर स्थित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई। दो दिनों में हुई इन मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रविवार और सोमवार को दो मासूमों ने तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, रविवार को एसएनसीयू में एक नवजात को भर्ती कराया गया था। लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक रंजन अस्पताल में मौजूद नहीं थे। नवजात की हालत बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। वहीं, सोमवार को भी एक अन्य नवजात की तबीयत गंभीर होने पर उसे एसएनसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन इस दौरान भी डॉक्टर अनुपस्थित रहे, जिससे मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों मृत नवजात अरियरी प्रखंड के अलग-अलग गांवों से थे।
स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
शेखपुरा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया कोई नई बात नहीं है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर ड्यूटी के दौरान गायब रहते हैं, जिससे गंभीर स्थिति में आए मरीजों की जान चली जाती है। इस घटना के बाद अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) डॉ. अशोक कुमार ने संज्ञान लेते हुए छह डॉक्टरों को स्पष्टीकरण जारी किया है। साथ ही उनकी लापरवाही को देखते हुए एक-एक दिन का वेतन कटौती करने का निर्देश दिया गया है।
बार-बार हो रही लापरवाही, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं
शेखपुरा सदर अस्पताल में लापरवाही की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन डॉक्टरों पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। आम जनता सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहती है, लेकिन जब वहां भी इलाज के लिए डॉक्टर मौजूद न हों, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई हो।