बेगूसराय प्राईवेट अस्पताल में भर्ती छात्रा
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गढ़पुरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्राणपुर (उर्दू) में पढ़ाई के लिए पहुंची एक छात्रा के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में प्राणपुर वार्ड संख्या-12 निवासी मोहम्मद इकबाल की बेटी मनतसा खातून घायल हो गई। परिजनों के अनुसार, छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर किया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। विद्यालय परिसर में हुई इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रार्थना के दौरान बच्चों में हुआ विवाद, छात्रा से मारपीट
बताया गया कि विद्यालय परिसर में प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मनतसा के साथ मारपीट शुरू हो गई। घटना में छात्रा के शरीर के कई हिस्सों में चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल विद्यालय की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जब प्रार्थना के लिए पूरा विद्यालय एक जगह जुटा था, तो बच्चों के बीच विवाद इतना कैसे बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई? यदि शिक्षक और विद्यालय कर्मचारी बच्चों की निगरानी कर रहे थे तो विवाद को शुरुआती स्तर पर ही क्यों नहीं रोका जा सका? घटना के बाद स्कूल की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता
विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है। अभिभावक इसी भरोसे के साथ अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं कि वहां शिक्षक पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे। ऐसे में स्कूल परिसर में एक छात्रा के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर स्कूल में बच्चों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी होती तो विवाद मारपीट तक नहीं पहुंचता। ग्रामीणों ने विद्यालय की पूरी व्यवस्था की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी, इलाज का खर्च बना चिंता
घायल छात्रा के पिता मोहम्मद इकबाल आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे मूक-बधिर हैं। ऐसे में बेटी के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसके इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से छात्रा के इलाज में हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण उसके उपचार में कोई बाधा न आए।
प्रधानाध्यापिका की सूचना पर भी उठे सवाल
मामले में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी गोविंद कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी कार्यालय के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका की ओर से घटना की तत्काल लिखित सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में विद्यालय प्रशासन या किसी शिक्षक की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।