मुंगेर सदर अस्पताल में सात माह की प्रसूता महिला नीतू देवी की इलाज में देरी और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात भर्ती होने के बावजूद महिला का सही समय पर इलाज नहीं किया गया और दबाव डालकर उसे घर भेज दिया गया।
मुंगेर जिले के सदर अस्पताल में शुक्रवार को सात माह की प्रसूता महिला नीतू देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक महिला कासिम बाजार थाना क्षेत्र के मुख़बिरा चांय टोला निवासी बिहारी महतो की पत्नी थीं। उनके दो और तीन साल की दो बेटियाँ हैं, जबकि पति दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात 11 बजे उल्टी और दस्त की शिकायत के कारण महिला को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने परिजनों की लगातार गुहार के बाद करीब दो घंटे बाद इलाज शुरू किया। जब महिला की स्थिति में कुछ सुधार हुआ, तो चिकित्सकों ने उन्हें घर भेजने का दबाव बनाया। परिजन महिला को अस्पताल में रखना चाहते थे, लेकिन दबाव के कारण रात में घर ले गए। शुक्रवार सुबह महिला की तबियत बिगड़ गई और परिजनों ने उसे पुनः सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि इलाज की देरी और लापरवाही के कारण महिला की जान गई। उन्होंने दोषी चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक प्रणव कुमार यादव अस्पताल पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली। विधायक ने सिविल सर्जन डॉ. राम प्रवेश से फोन पर शिकायत की। सिविल सर्जन ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और कहा कि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतक महिला का पोस्टमार्टम कराने और मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया। विधायक प्रणव कुमार यादव ने कहा कि हाल के दिनों में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण कई मरीजों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि दोषी चिकित्सकों पर कठोर कार्रवाई की जाए और मृतक परिवार को न्याय मिले।