मुंगेर में रविवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो दर्दनाक सड़क हादसों में एक 8 वर्षीय बच्ची और 65 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ओवरटेक के चक्कर में मासूम की चली गई जान
पहली घटना सफियाबाद थाना क्षेत्र के फरदा पूर्वी टोला स्थित एनएच-80 पर हुई। फरदा गांव निवासी राजेश कुमार मंडल की आठ वर्षीय पुत्री डोली कुमारी सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान लखीसराय की ओर से मुंगेर जा रही तेज रफ्तार बाइक ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर बच्ची को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में डोली गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय ग्रामीण उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद आधे घंटे तक जाम रहा हाईवे
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे तक मुंगेर-लखीसराय एनएच-80 को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची सफियाबाद थाना पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक जब्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतका के पिता राजेश कुमार मंडल ने बताया कि डोली दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थी तथा चौथी कक्षा की छात्रा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में समय पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज में देरी हुई। उनका कहना है कि यदि समय पर चिकित्सकीय सुविधा मिल जाती तो संभवतः उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
सफियाबाद थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। बाइक जब्त कर ली गई है तथा परिजनों के फर्द बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ई-रिक्शा की टक्कर से सब्जी बेचने वाली वृद्धा की मौत
दूसरी घटना ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के आशिकपुर रेलवे 212 नंबर पुल के समीप हुई। रामनगर गांव निवासी 65 वर्षीय गीता देवी, जो सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करती थीं, सड़क पार कर पानी लेने जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल गीता देवी को पहले ईस्ट कॉलोनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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मृतका के पुत्र सिकंदर कुमार एवं प्रत्यक्षदर्शी प्रवीण कुमार ने बताया कि गीता देवी प्रतिदिन आशिकपुर पुल के समीप सब्जी बेचती थीं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।