मुंगेर के बासुदेवपुर थाना क्षेत्र के चंडी स्थान निषाद टोला वार्ड नंबर-5 निवासी शत्रुघ्न सहनी के 27 वर्षीय विक्षिप्त पुत्र ध्रमेंद्र कुमार का दो वर्ष बाद पता चलने से परिवार में खुशी का माहौल है। ध्रमेंद्र वर्ष 2024 में घर से लापता हो गया था और भटकते-भटकते जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान बॉर्डर के समीप पहुंच गया, जहां सेना के जवानों ने उसे संदिग्ध हालत में पकड़ लिया।
बॉर्डर पर संदिग्ध हालत में मिला युवक
जानकारी के अनुसार, बॉर्डर पर तैनात आर्मी जवानों को युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई। काफी देर तक बातचीत के बाद जवानों को लगा कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसके बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पहचान सुनिश्चित करने के लिए जम्मू पुलिस ने बिहार सहित अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान युवक की पहचान मुंगेर निवासी ध्रमेंद्र सहनी के रूप में हुई।
मुंगेर पुलिस पहुंची युवक के घर
इसके बाद जम्मू पुलिस ने बिहार पुलिस मुख्यालय के माध्यम से मुंगेर पुलिस से संपर्क किया। बासुदेवपुर थाना की पुलिस गुरुवार सुबह ध्रमेंद्र के घर पहुंची। अचानक पुलिस को घर पर देखकर परिवार वाले घबरा गए, लेकिन जब पुलिस ने जम्मू से भेजी गई तस्वीर दिखाई तो मां मुन्नी देवी समेत अन्य परिजनों ने तुरंत उसकी पहचान कर ली। पुलिस ने बताया कि ध्रमेंद्र सुरक्षित है और फिलहाल जम्मू-कश्मीर के लालपुरा पुलिस स्टेशन, कोहवारा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस की निगरानी में है।
50 रुपये लेकर घर से निकला था ध्रमेंद्र
परिजनों ने बताया कि ध्रमेंद्र 19 अगस्त 2024 को घर से 50 रुपये लेकर निकला था और फिर वापस नहीं लौटा। परिवार ने मुंगेर, जमालपुर, हवेली खड़गपुर और तारापुर समेत कई इलाकों में ऑटो से माइकिंग कर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। धीरे-धीरे परिवार की उम्मीद टूटने लगी थी।
गरीब परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
ध्रमेंद्र की मां मुन्नी देवी ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। पिता शत्रुघ्न सहनी मछली पकड़ने और मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण अब उन्हें बेटे को जम्मू से वापस लाने की चिंता सता रही है। परिवार ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से ध्रमेंद्र को सुरक्षित मुंगेर लाने में मदद की गुहार लगाई है।
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आर्मी अधिकारी ने कही यह बात
आर्मी के एक अधिकारी ने फोन पर बताया कि युवक आर्मी कैंप के पास भटकता हुआ पहुंच गया था। सुरक्षा कारणों से उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। अधिकारी के अनुसार, ध्रमेंद्र बहुत कम बोलता है और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा था।